ट्रेन में युवती की गोद से बच्चा चुराने वाली महिला की तलाश में जुटी पुलिस को फिलहाल उसका पता नहीं मालूम हो सका है। वह भीटी इलाके की है या वाराणसी में मडुआडीह की, यह संशय बना है। पुलिस ने सोमवार को उस डॉक्टर से मिलकर बात की जिसके पास महिला इलाज के लिए जाती है। पता चला कि वह संतान के लिए तरस रही थी। गर्भधारण का ही इलाज कराने के लिए वह डॉक्टर के पास आती थी। रेलवे पुलिस ने सारा जोर मडुआडीह इलाके में लगाया है।
दारागंज में रहने वाले राजू निषाद की पत्नी प्रेमा शनिवार को मां कलावती के साथ तीन माह के बेटे कमलेश को गोद में लेकर गोपीगंज में मायके के लिए रवाना हुई थी। वह मां के साथ रामबाग-मडुवाडीह पैसेंजर में थी तभी एक महिला भी उसके पास आकर बैठ गई। वह प्रेमा के बेटे को गोद में लेकर दुलार करने लगी। ट्रेन दोपहर में भीटी स्टेशन पर रुकी तो महिला बच्चे को गोद में लेकर उतर गई। प्रेमा पुलिस को सूचना देकर रात में दारागंज में अपने घर आ गई। खबर मिली तो जीआरपी थाने की पुलिस ने प्रेमा से उसके घर में संपर्क किया। साथ ही उसकी मां कलावती से तहरीर लेकर अज्ञात महिला के खिलाफ बच्चा चोरी की रिपोर्ट लिखी। महिला का बैग ट्रेन में ही छूट गया था जिसमें पुलिस को दारागंज के होम्योपैथिक डॉक्टर का पर्चा मिला।
सोमवार को जीआरपी इंस्पेक्टर अशोक दुबे ने डॉक्टर से बात की।
इंस्पेक्टर के मुताबिक, डॉक्टर ने बताया कि यह महिला करीब दो साल से उनके पास गर्भधारण का इलाज कराने आ रही है। उसे गर्भ नहीं ठहर रहा। महिला का एक रिश्तेदार पहले से उनके पास इलाज कराने आता रहा है। उसने ही बताया था कि महिला मडुआडीह की रहने वाली है। डॉक्टर की पर्ची में उसका नाम सुशीला लिखा है। हालांकि एक और पर्ची मिली जिसमें सीता नाम लिखा था। हालंकि डॉक्टर से मिली जानकारी के मुताबिक महिला का नाम सुशीला ही है। मंगलवार को पुलिस बड़े हनुमान मंदिर में लगे सीसीटीवी फुटेज को चेक करेगी। बैग में मिले लड्डू के डिब्बे से पुलिस का अनुमान है कि महिला ने मंदिर में दर्शन-पूजन किया था।