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होश आने पर दिदिया ने पूछा- कहां है पति और बच्चे

Tue, 20 Sep 2016 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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शिवकुटी थाने के पास शनिवार रात घर के भीतर चापड़ से गले पर हुए हमले में गंभीर रूप से घायल दिदिया की हालत में आंशिक सुधार है। सोमवार को हल्का होश आने पर उसने अपने पति और बच्चों के बारे में पूछा। उसे यह नहीं पता है कि वह तो कातिलाना हमले में बच गई लेकिन देवर राजन ने उसके पति और चारों बच्चों को काटकर मार डाला है। परिवार के लोगों ने बताया कि वह बार-बार राजन का भी नाम लेती रही।
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शिवकुटी थाने से बमुश्किल सौ मीटर की दूरी पर शनिवार रात कबाड़ कारोबारी मोहर्रम (55) को सोते समय ही उसके दो बेटों विशाल तथा बादल और बेटियों रानी तथा बबिता समेत चापड़ से काटकर मार डाला गया था। पत्नी दिदिया के भी गले पर चापड़ मारे गए मगर वह बच गई। पुलिस ने इस हत्याकांड में मोहर्रम के छोटे भाई राजन को चचेरे भाई सूरज समेत गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर नाले से हत्या में इस्तेमाल चापड़, पेचकस, राड, खून सने कपड़े बरामद किए थे। घर से लूटा गया आभूषण और नगदी भी मिली। राजन ने पैतृक संपत्ति के बंटवारे और लगातार अपमान से बौखलाकर यह वारदात की थी।

अस्पताल में भर्ती दिदिया ने ही पुलिस को उसका नाम बताया जिसके बाद फौरन गिरफ्तारी की गई। उधर, घटना के दूसरे रोज एसआरएन अस्पताल में दिदिया की हालत में तनिक सुधार आया है। देखभाल में मौजूद मां बिल्लो और देवर मुन्ना ने बताया कि सोमवार दोपहर दिदिया को हल्का होश आया तो उसने पति मोहर्रम और बच्चों के बारे में पूछा। उसे बताया गया कि उन सभी का भी इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने कहा है कि ऐसी नाजुक स्थिति में उसे पति और बच्चों के मारे जाने की जानकारी मिली तो आघात से जान का खतरा हो सकता है।
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परिजनों ने यह भी बताया कि दिदिया ने कई बार राजन का भी नाम लिया जिसने उसके परिवार को खत्म कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले दो दिन दिदिया की जान के लिहाज से अहम हैं। हालांकि परिजन इलाज से खुश नहीं हैं। दिदिया के देवर मुन्ना ने कहा कि यहां बरती जा रही लापरवाही की वजह से वे दिदिया को निजी अस्पताल ले जाना चाहते हैं लेकिन पैसे नहीं है। वे चाहते हैं कि पुलिस बरामद 32 हजार रुपये उन्हें सौंपे तो वे सही से इलाज करा सकें। यहां तो डॉक्टर सही से न तो बात करते हैं और न ही कुछ बताते हैं। नर्सों का भी व्यवहार बेहद खराब है।

शिवकुटी के पूरा गड़ेरिया में हुए इस सामूहिक हत्याकांड ने पुलिस और शहरियों को झकझोरा है तो मृतकों के परिजन तथा रिश्तेदार घटना के बाद से सदमे में है। रिश्तेदारों को तो भरोसा ही नहीं हो रहा था कि राजन अपने सगे भाई और भतीजे-भतीजियों को इस कदर क्रूरता से मार सकता है। उसे सभी सीधा समझते रहे हैं। वह नशा भी नहीं करता है। ऐसे में रिश्तेदारों का कहना है कि अपमान और मकान के लिए यह उसके दिमाग की सनक ही है जिसने उसे ऐसी वारदात के लिए मजबूर कर दिया। मारे गए मोहर्रम की मां रामकली तथा सास बिल्लो घटना के बाद से लगातार रो-कलपती रही हैं। मोहर्रम के मंझले भाई मुन्ना को भी गहरा सदमा पहुंचा है। उसने ही रविवार को पोस्टमार्टम के बाद भाई और चारों बच्चों के शवों को कब्रिस्तान ले जाकर दफन कराया। अब वही भाभी दिदिया के इलाज और देखभाल में लगा है। वह कहता है कि राजन ने अनर्थ कर दिया है।

भाई और भतीजे-भतीजियों समेत पांच लोगों की बेरहमी से हत्या के आरोपी राजन सपेरा को उसके चचेरे भाई सूरज सपेरा समेत शिवकुटी पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उन दोनों को न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया है। राजन की करतूत से रिश्तेदार और परिजन इस कदर खफा हैं कि कोई उससे मिलने नहीं आया। अलबत्ता, पत्नी सुमन उससे मिलने के लिए शिवकुटी थाने गई थी।
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