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सुबह सात बजे से बैंक के बाहर जमा होने लगे लॉकर धारक

Thu, 03 May 2018 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सिविल लाइंस स्थित यूको बैंक की मुख्य शाखा में भीषण चोरी का पता चलते ही बैंक के लॉकर धारकों के होश उड़ गए। सुबह सात बजे से ही बैंक शाखा के सामने लॉकर धारक जुटने लगे। सिविल लाइंस के अंसल अपार्टमेंट में रहने वाले आनंद शुक्ल सबसे पहले पहुंचने वालों में एक थे। नौ बजते-बजते चालीस से अधिक लोग वहां पहुंच चुके थे लेकिन बैंक का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं था। कुछ लोगों के पास शाखा प्रबंधक का नंबर था। अपने लॉकर का हाल जानने को उतावले लोगों ने उनको फोन करके बैंक जल्द खुलवाने की बात कही लेकिन प्रबंधक ने तयशुदा समय पर ही शाखा के खुलने की बात कही।
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वहां मौजूद लोगों के भीतर बैंक की लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी थी। खाताधारक राजकुमार, एसपी श्रीवास्तव आदि घटना के पीछे सीधे बैंक की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। करीब पौने दस बजे बैंककर्मी वहां पहुंचे। दस बजे शाखा के खुलते ही वहां मौजूद लोग एक साथ भीतर पहुंच गए। पूरी भीड़ लॉकर रुम तक पहुंच गई। बैंककर्मियों ने किसी के साथ कोई रोक-टोक नहीं की। उधर, बैंक के भीतर भीड़ के मौजूद होने की खबर पर सिविल लाइंस पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उसने सबसे पहले पूरी भीड़ को बैंक से किसी तरह बाहर निकाला। उसके बाद बैंक अफसरों की मौजूदगी में लॉकर धारकों को लॉकर दिखाए गए हालांकि उसके इस्तेमाल की इजाजत किसी को नहीं दी गई। सेफ रुम के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया।

लॉकर देखने पहुंच रहे लोगों के बीच इस बात की भी नाराजगी थी कि बैंक ने किसी को घटना के बारे में फोन करके जानकारी नहीं दी, सभी को घटना की जानकारी समाचार पत्र के माध्यम से हुई जबकि लॉकर धारकों का कहना था लॉकर लेते समय बैंक की ओर से सभी के मोबाइल नंबर दर्ज किए गए थे। शाम करीब चार बजे तक लॉकर धारकों के आने का सिलसिला जारी रहा ज्यादातर के लॉकर सुरक्षित थे इसलिए कोई बहुत अप्रिय स्थिति बैंक के भीतर नहीं पैदा हुई। उधर, बैंक के सुरक्षा अधिकारियों ने भी यहां आकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने उनको गैस कटर से काटे गए दरवाजे को भी दिखाया।
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कई महिलाओं ने बैंक के लॉकर में अपने आभूषण रखे हुए थे। चोरी की सूचना मिलने के बाद वह बेहद घबड़ाई हुईं अपने लॉकर को देखने पहुंची। दो महिलाओं के लॉकर टूटे हुए थे। ताला टूटा देखते ही उनकी आंखों से आंसू बह निकले। फफक-फफक कर वह रोने लगीं। किसी तरह उनके परिवार के लोगों ने उन्हें संभाला। एक का कहना था कि उनके पूरे गहने यहां रखे थे। उनमें पारिवारिक जेवर भी थे। चोरों के डर से इनको यहां रखवाया लेकिन यहां भी नहीं बच सके। तमाम महिलाएं बेहद बदहवास अंदाज में भीतर आईं। उनके चेहरे और अंदाज में घबराहट साफ नजर आ रही थी। वे भीतर पहुंचीं, लेकिन जैसे ही उनको अपना लॉकर सुरक्षित दिखा उनके चेहरे के भाव तुंरत बदल गए और राहत भरी मुस्कान खिल उठी। बैंक के भीतर यह सिलसिला आज करीब पूरे दिन चलता रहा। उधर, तमाम उपभोक्ता ऐसे भी दिखाई पड़े जिनके लॉकर सुरक्षित थे लेकिन फिर भी वह अपना लॉकर यहां नहीं रखना चाहते। घटना से बुरी तरह परेशान आर्दश नगर के आयुष, रीता दुबे आदि ने यूको बैंक में अब किसी कीमत पर लॉकर न रखने की बात खीज जाहिर करते हुए कही।  
 
बैंक की मुख्य शाखा में चोरी का खुलासा होने के बाद वहां के सुरक्षा इंतजाम भी बेहद लचर नजर आए। बैंक के भीतर भारी मात्रा में नकद समेत डेढ़ सौ से अधिक लोगों के आभूषण एवं अन्य कीमती वस्तुएं रखी हुई थीं लेकिन बैंक के सुरक्षा इंतजाम इनके लिए अपर्याप्त नजर आए। चोर बैंक शाखा की पश्चिमी दिशा में लगी खिड़कियों की ग्रिल काटकर भीतर घुसे लेकिन खिड़कियों में लगे शीशे पूरी तरह सुरक्षित थे, जिसका मतलब साफ है कि लॉकर रुम के भीतर की खिड़की खुली हुई थी। इसको देखते हुए पुलिस किसी बैंककर्मी की संलिप्ता के बिन्दू पर भी जांच कर रही है। बैंक की दूसरी खिड़कियों की भी यही दशा है। बैंक का मुख्य दरवाजा भले चैनल से डबल लॉक किया जाता है लेकिन उससे सटी खिड़कियों की कुंडियां भीतर से टूटी हुई हैं हालांकि इनको बुधवार की शाम दुरुस्त कराया जा रहा था।
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