पूर्व सांसद अतीक अहमद बुधवार शाम रीवा रोड स्थित शियाट्स पहुंचे जहां उनके आदमियों ने शिक्षकों तथा कर्मचारियों को जमकर पीटा। मीडिया प्रभारी और सुरक्षा अधिकारी की भी पिटाई की गई। आरोप है कि एसोसिएट प्रोफेसर के अपहरण का प्रयास किया गया। उनका टैब लूट लिया। असलहाधारियों की मौजूदगी और मारपीट से संस्थान में अफरातफरी मच गई। करीब आधे घंटे बाद अतीक और उनके आदमी वहां से गए तब पुलिस पहुंची। अतीक अहमद को नामजद करते हुए नैनी थाने में लिखित शिकायत की गई तो पुलिस ने एफआईआर लिखकर जांच शुरू की। उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी ने पूर्व सांसद अतीक को कानपुर में कैंट सीट से विधानसभा चुनाव का उम्मीदवार घोषित किया है।
पूर्व सांसद अतीक अहमद की गाड़ियों का काफिला बुधवार शाम तकरीबन चार बजे शियाट्स पहुंचा। अतीक और उनके साथ मौजूद दो दर्जन से ज्यादा लोग शियाट्स के निदेशक प्रशासन प्रो.विनोद बी लाल के कार्यालय पहुंचे। प्रो.लाल मौजूद नहीं थे। ताला खुलवाकर अतीक कार्यालय के भीतर जाकर बैठ गए। आरोप है कि उनके साथ मौजूद हथियारबंद लोगों ने कार्यालय और बाहर मौजूद कर्मचारियों को पीटा। गालियां दीं और धमकाया। डेयरी डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर तेजस जैकब को भी हथियार सटाकर पीटने के बाद अपहरण का प्रयास किया गया। उनका टैबलेट लूट लिया। मीडिया प्रभारी डॉ.रमाकांत दुबे और सुरक्षा अधिकारी आरके सिंह आए तो उन्हें भी पीटा गया। भीड़ जुटी तो करीब आधे घंटे बाद अतीक और उनके आदमी शियाट्स से निकल गए। कुछ देर बाद नैनी थाने की पुलिस पहुंची। बताया गया कि अतीक के साथ शियाट्स से निष्कासित छात्र मोहम्मद सैफ भी था। उसका निष्कासन नहीं वापस होने पर ही अतीक शियाट्स गए थे।
हमले में मीडिया प्रभारी और सुरक्षा अधिकारी के साथ ही सुरक्षा सहायक विजय शंकर शुक्ला, सुधेन्दु उपाध्याय और गोविंद प्रजापति भी घायल हुए। मीडिया प्रभारी ने बताया कि पूर्व सांसद अतीक अहमद और निष्कासित छात्र सैफ समेत कई अज्ञात हथियारबंद लोगों के खिलाफ मारपीट, धमकी, गालीगलौज, लूट, अपहरण कीकोशिश तथा दहशत फैलाने की तहरीर दी गई।। उनका आरोप है कि अतीक के काफिले के साथ कई बाइक पर भी अराजक तत्व शियाट्स में घुसे थे। एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि एफआईआर लिखी गई। घटना की जांच हो रही है। संस्थान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी चेक होगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जाएगी चाहे वह कोई भी हो। उधर, अतीक का कहना है कि वह छात्र के निष्कासन पर विरोध जताने केलिए शियाट्स गए थे। उनके आदमियों ने नहीं बल्कि गुस्साए छात्रों ने मारपीट की थी।