शातिर बदमाशों ने एटीएम को क्रैक करने का एक नया तरीका ढूंढ निकाला है। बिना मशीन के लॉक को तोड़े बदमाश रकम निकाल ले रहे हैं। पिछले दो-तीन दिन के भीतर शहर के 18 से अधिक एटीएम से इसी तरह रुपये निकाले गए। इन मशीनों में रकम डालने वाली एजेंसी ने शिवकुटी थाने में दो एटीएम से छेड़खानी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, कर्नलगंज, धूमनगंज थाने में भी मशीनों से छेड़खानी के आरोप में तहरीर दी गई है। पुलिस इन बूथों से मिले सीसीटीवी फुटेज के जरिए घटना की पड़ताल कर रही है।
मामले में कंपनी से जुड़े अधिकारी अभी कुछ भी खुलकर बोलने को राजी नहीं हैं। वे इस तरह से निकाली गई रकम का पूरा ब्यौरा भी नहीं बता पा रहे हैं। हालांकि, इस तरह से लाखों रुपये निकाल लिए जाने की आशंका जताई जा रही है। सिविल लाइंस स्थित सीएमएम इंफोसिस्टेम लिमिटेड कई बैंकों के एटीएम में नकदी डालने का काम करती है। उसके शाखा प्रबंधक ने पुलिस को बताया कि गोविंदपुर, सलोरी, कर्नलगंज, धूमनगंज इलाकों में स्थित कई एटीएम से छेड़खानी की गई है। गोविंदपुर में मकान संख्या बी-57 के करीब स्थित एटीएम में 17 नवंबर को रकम डाली गई। 20 नवंबर को जब मशीन में रुपयों का इलेक्ट्रानिक मिलान किया गया, तब उसमें करीब 35 हजार रुपये कम मिले। रुपये कम होने पर जब मशीन की पड़ताल की गई, तब उसका रुपये बाहर निकालने वाला एग्जिट प्वाइंट क्षतिग्रस्त मिला। शाखा प्रबंधक का कहना है इसी तरह सलोरी, कर्नलगंज एवं धूमनगंज के करीब एक दर्जन एटीएम बूथों में रुपये निकाल लिए गए। कंपनी की तरफ से इन सभी थानों में तहरीर दी गई है। शिवकुटी में अज्ञात बदमाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जबकि कनर्लगंज पुलिस ने कंपनी से सीसीटीवी फुटेज लाने को कहा है। हालांकि, पुलिस इस पूरे मामले को संदिग्ध बता रही है।
एटीएम से जिस शातिर तरीके से लुटेरे हाथ साफ कर रहे, उसको देखकर बदमाशों के मशीन के हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर दोनों विधा के जानकार होने की बात सामने आ रही है। यह शातिर दो तरीके के कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले कॉर्ड डालकर यह मशीन को एक्टीवेट करते हैं। जब कैश बाहर आता है, उसी समय यह अपनी तकनीक का इस्तेमाल करके कैश के एग्जिट प्वाइंट को किसी नुकीली चीज से चौड़ा करके उसको कुछ देर के लिए हैंग कर देते हैं। उसी के कुछ देर के बाद कैश-ट्रे भी ऊपर आती है। मशीन की बारीक जानकारी होने का फायदा उठाते हुए बदमाश इसी समय पैसे निकाल लेते हैं। इस तरह से पैसे निकाले जाने का कोई विवरण मशीन में दर्ज नहीं होता। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि यह सारी हरकत सीसीटीवी में कैद है। इसे पुलिस को भी दिया जाएगा।