दो दशक पुराने जवाहर यादव उर्फ पंडित हत्याकांड के अहम साक्ष्य पुलिस मालखाने से गायब हैं। कोर्ट द्वारा कई बार आदेश देने के बावजूद इन साक्ष्यों को पेश नहीं किया जा सका। सोमवार को मुकदमे की तारीख लगी थी। कोर्ट ने पहले ही एसएसपी और डीआईजी को पत्र लिखकर साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। सुनवाई पर पुलिस को साक्ष्य प्रस्तुत करना था मगर डीआईजी की ओर से अर्जी दाखिल कर कहा गया कि माल मुकदमाती(साक्ष्य) पुलिस के मालखाने में नहीं है, वह इसकी जांच करवा रहे हैं। डीआईजी ने एक सप्ताह की मोहलत देने की मांग की है जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
बता दें कि जवाहर पंडित हत्याकांड का ट्रायल हाईकोर्ट के आदेश पर त्वरित गति से हो रहा है। कई गवाहों के बयान हो चुके हैं। कोर्ट ने पुलिस को घटना में प्रयुक्त हथियार, गोलियों के खोके, खून आलूदा, वह कार जिसमें हत्या हुई, कार की सीट पर से खून के नमूने आदि साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अभियोजन कई तारीखों से साक्ष्य नहीं दे पा रहा ै। सोमवार को भी सुनवाई हुई तो गवाह शिवरतन सिंह उपस्थित हुए लेकिन अभियोजन की ओर से माल मुकदमा पेश किए जाने के लिए और समय की मांग की गई।
डीआईजी के पत्र का हवाला देकर अभियोजन ने कहा कि माल मुकमदमाती पुलिस मालखाने में मिल नहीं रहा है, इसकी जांच कराई जा रही है। सुनवाई कर रहे एडीजे प्रेमनाथ ने अभियोजन की अर्जी इस शर्त पर मंजूर कर ली है कि अगली तारीख पर यदि साक्ष्य पेश नहीं किया गया तो गवाही टाली नहीं जाएगी। मामले की सुनवाई 25 अप्रैल को होगी।बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रदीप जायसवाल ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी रामचंद्र उर्फ कल्लू के इलाज का निर्देश दिया है। घटना के अभियुक्त करवरिया बंधुओं को कोर्ट से लाकर अदालत में पेश किया।