आईपीएल के मैचों में शहर में बडे़ पैमाने पर सट्टेबाजी हो रही है। लगभग हर इलाके में होटलों या घरों में मैच में सट्टा लग रहा है। मंगलवार रात पुलिस ने धूमनगंज के पोंगहट इलाके के एक मकान में छापा मारकर दो लगों को सट्टेबाजी में दबोचा। उनके कब्जे से रजिस्टर, नगदी, कई मोबाइल फोन बरामद हुए।
एसपी सिटी विपिन टाडा ने बताया कि ट्रेनी आईपीएस नीरज जादौन ने धूमनगंज पुलिस और क्राइम ब्रांच के साथ पोंगहट पुल के आगे कोहली ढाबा के निकट मकान में छापा मारा। मकान में बाहर से ताला लगा था लेकिन पहली मंजिल पर लाइट जल रही थी। पुलिस ताला तोड़कर मकान में घुसी तो ऊपर कमरे में दो लोग मौजूद थे, जो टीवी पर आरसीबी और गुजरात लायंस के बीच चल रहे मैच पर सटोरियों से फोन पर सट्टा बुक कर रहे थे। पुलिस ने सात मोबाइल फोन, 89 हजार रुपये, रजिस्टर और सट्टा पर्चियां जब्त कीं। पकड़े गए लोगो में कंधईपुर मुहल्ले का वीरेंद्र कुमार यादव उर्फ वीरू तथा जौनपुर से आकर हरवारा धूमनगंज में रहने वाला विकास यादव है। सट्टेबाजी में जयंतीपुर के आतिश उर्फ संजय चौहान, कंधईपुर के ऋषि त्रिपाठी और मुंडेरा के अश्विनी कुमार की तलाश हो रही है। पूछताछ में मालूम हुआ कि ये लोग पुणे में मौजूद अश्विनी कुमार से फोन पर भाव लेकर मैच में सट्टा लगाते थे। इग्लैंड से भी फोन पर वे सटोरियों से संपर्क में रहते थे।
एसपी सिटी विपिन टाडा के निर्देश पर ट्रेनी आईपीएस नीरज जादौन ने बुधवार शाम सिविल लाइंस में वाल्मीकि स्कूल के गेट के सामने खुलेआम चल रहे सट्टे के अड्डे पर छापा मारा। सिविल लाइंस पुलिस और क्राइम ब्रांच को भनक नहीं लगने दी गई क्योंकि शक है कि क्राइम ब्रांच की शह पर सट्टा चल रहा है। कर्नलगंज थाने से सादे कपड़ों में सिपाहियों को लेकर दबिश दी गई तो चार सटोरिए नगदी और रजिस्टर समेत पकड़े गए और कई भाग गए।