रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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शमी हत्याकांड में एसएसपी ने शुक्रवार को कड़ी कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर मऊआइमा बृजेश बघेल को सस्पेंड कर दिया। दूसरी ओर आरोपियों की खोजबीन में लगी पुलिस गुरुवार रात जाबिर और नासिर तक तकरीबन पहुंच गई थी। प्रतापगढ़ के रानीगंज में छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन उन्हें भनक लग गई और वे रात में ही वहां से निकल गए। पुलिस को आरोपियों के वहां होने के सुबूत भी मिले। उनके जितने भी रिश्तेदार हैं, सभी जगह दबिश दी गई। तमाम रिश्तेदार घर छोड़कर भागे हुए हैं।
मऊआइमा में पूर्व ब्लाक प्रमुख मो. शमी की हत्या के बाद से कड़ी कार्रवाई के कयास लगाए जा रहे थे। शुक्रवार देर रात एसएसपी शलभ माथुर ने इंस्पेक्टर मऊआइमा बृजेश बघेल को सस्पेंड कर दिया। एसएसपी ने बताया कि शमी और जाबिर में दुश्मनी होने के बाद इंस्पेक्टर ने कोई निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की। हत्याकांड के बाद भी अभिसूचना संकलन में लापरवाही बरती गई। इसी कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। दूसरी ओर जाबिर और नासिर की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश जारी रही। इस मामले में रुखसार के पकड़े जाने के बाद यह साफ हो गया था कि अपने अपमान का बदला लेने के लिए जाबिर ने अपने जीजा नासिर के साथ मिलकर हत्या की है। रुखसार ही वह शख्स है जिसने हत्या के बाद दोनों को प्रतापगढ़ की सीमा तक छोड़ा था। नामों का खुलासा होने के बाद एसएसपी ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक दर्जन टीमों को लगाया।
दोनों के मोबाइल शुरू से ही बंद थे लेकिन पुलिस ने कॉल डीटेल्स से उनके तमाम करीबियों के नंबर हासिल किए और दबिश देना शुरू किया। शुरू में जाबिर और नासिर को पहचानने का संकट था। गांव के ही लोगों ने दोनों की फोटो पुलिस को मुहैया कराई। गुरुवार की रात क्राइम ब्रांच को पक्की सूचना मिली थी कि जाबिर रानीगंज के एक घर में मौजूद है। फोर्स ने वहां धावा बोला लेकिन पता चला कि वह करीब एक घंटे पहले ही वहां से निकल गया था। क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीमों ने दो दिन में करीब 60 जगहों पर दबिश दी है। दोनों के रिश्तेदारों ने भी अपने मोबाइल बंद कर रखे हैं। कुछ करीबियों को पुलिस ने उठाया भी है। उन्हीं के बताने पर दबिश दी जा रही है।
शमी हत्याकांड में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजन और समर्थक शुक्रवार की शाम मऊआइमा थाने के पास ही उनके घर के सामने धरने पर बैठ गए। बाद में अधिकारियों ने उन्हें समझा बुझाकर शांत किया और बताया कि पुलिस खुलासे के एकदम करीब है। जल्द ही गिरफ्तारी हो जाएगी।
पूर्व ब्लाक प्रमुख शमी के सुल्तानपुर खास स्थित घर के सामने मैदान पर गुरुवार की शाम बड़ी संख्या में समर्थक और परिजन जुटे। उनका कहना था कि पुलिस जल्द से जल्द गिरफ्तारी की बात कही थी लेकिन अब तक कुछ नहीं हो पाया। इसके अलावा पुलिस सिर्फ जाबिर पर ही ध्यान केंद्रित किए है, कत्ल में दूसरे नामजद आरोपियों सुधीर मौर्या और अभिषेक यादव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। समर्थकों ने वहां नारेबाजी भी की। धरने को देखते हुए प्रशासन ने वहां आरएएफ और पीएसी के साथ कई थानों की फोर्स को बुला रखी थी। मऊआइमा थाने पर एसपी गंगापार, एसपी क्राइम, दो सीओ, एडीएम आदि अधिकारी मौजूद थे। बाद में कमरूल, अशफाक, फारुख, हैदर, आलम, मेराज और कामरान आदि लोगों के साथ एक प्रतिनिधिमंडल थाने जाकर अधिकारियों से मिला। इसके बाद अधिकारी धरना स्थल पहुंचे और आश्वस्त किया कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। किसी भी गुनाहगार को छोड़ा नहीं जाएगा। इसके बाद धरना खत्म किया गया।