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घायल कारोबारी की मौत, तीन घंटे रहा चक्काजाम

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इलाहाबाद। मुंडेरा बाजार में सोमवार रात फुटवियर शॉप में बदमाशों की गोली का शिकार हुए कारोबारी आकाशदीप केसरवानी (40) की निजी अस्पताल में मौत के बाद बृहस्पतिवार को कई घंटे तक चक्काजाम और हंगामा होता रहा। मुंडेरा और सुलेमसराय बाजार दिन भर बंद रहे। व्यापारी शोक में डूबे रहे। शाम को पोस्टमार्टम के बाद आकाशदीप का शव मुंडेरा के बाद सुलेसराय स्थित निवास पर लाया गया तो वहां मौजूद स्थानीय लोगों और व्यापारियों की भीड़ ने पुलिस-प्रशासन विरोधी नारे लगाते हुए थानाध्यक्ष के निलंबन, गोली मारने वाले बदमाशों की गिरफ्तारी, शस्त्र लाइसेंस, मुआवजा, परिवार की सुरक्षा की मांग करते हुए चक्काजाम कर दिया। तीन घंटे बाद अफसरों से मांग पूरी होने का भरोसा मिलने पर जाम खत्म हुआ।
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आकाशदीप और उनके छोटे भाई आशीष केसरवानी को सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे मुंडेरा बाजार स्थित उनकी लक्ष्मी फुटवियर शॉप में जूतों के पैसों के लिए हुए झगड़े के बाद बदमाशों ने गोली मार दी थी। इन दोनों भाइयों का इलाज बाई का बाग स्थित जीवन ज्योति अस्पताल में हो रहा था, जहां आकाशदीप की बृहस्पतिवार सुबह सांस थम गई। उनकी मौत से कारोबारियों का गुस्सा भड़क उठा। पोस्टमार्टम हाउस पर पूर्व मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी समेत शहर के तमाम व्यापारी नेता जमा हो गए। मुंडेरा बाजार और सुलेसराय बाजार बंद हो गया।

दोनों भाइयों का पैतृक निवास सुलेमसराय में ही है। उनके भाई अतुल केसरवानी सुलेमसराय व्यापार मंडल के अध्यक्ष हैं। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब साढ़े चार बजे आकाशदीप का शव एंबुलेंस में सुलेमसराय पहुंचा तो भीड़ ने पुलिस के खिलाफ गुस्सा जताते हुए हंगामा कर दिया। कई थानों की पुलिस के साथ सीओ कोतवाली समर बहादुर और सीओ सिविल लाइंस सचींद्र पटेल भी साथ थे। वहां से शव मुंडेरा ले जाया गया। आधे घंटे बाद शव वापस सुलेमसराय स्थित निवास लाया गया तो पुलिस-प्रशासन विरोधी नारेबाजी करते हुए लोगों ने चक्काजाम कर दिया। वे पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद, बदमाशों को फांसी दो, गुंडागर्दी बंद करो जैसे नारे लगा रहे थे।
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व्यापारियों ने धूमनगंज थानाध्यक्ष को निलंबित करने, गोली मारने वाले दो बदमाशों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद तथा सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस देने की मांग रख दी। प्रयाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय अरोड़ा स्थानीय व्यापारियों और पुलिस अफसरों के बीच बातचीत की मध्यस्थता करते रहे। इस बीच एसपी सिटी राजेश यादव भी पहुंच गए। एसओ के निलंबन की मांग नहीं पूरी होती देख व्यापारियों के साथ पीड़ित परिवार की महिलाओं ने सड़क पर धरना दे दिया। कुछ देर बाद आकाशदीप का शव भी सड़क पर लाकर रख दिया गया। कई दौर की बातचीत के बाद आखिर में थानेदार के निलंबन, सुरक्षा, शस्त्र लाइसेंस और अपराधियों की गिरफ्तारी की लिखित मांग पर एसपी सिटी और एडीएम ने दस्तखत किया तो करीब साढ़े सात बजे आकाशदीप का शव उठाकर परिजन रसूलाबाद घाट के लिए रवाना हुए। आठ बजे तक में यातायात सुचारु हुआ।
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