आयकर विभाग ने शहर में शराब, दवा, ज्वेलरी कारोबारी राजेश जायसवाल के 14 प्रतिष्ठानों पर शुक्रवार दोपहर बाद सर्वे का काम पूरा कर लिया। 24 घंटे से अधिक समय तक चले सर्वे के दौरान आयकर विभाग की टीम को तकरीबन आठ करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति मिली है। इसके साथ ही टीम ने पता लगाया है कि राजेश ने पिछले नौ माह में 15 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इसकी पड़ताल भी की जा रही है।
राजेश जायसवाल की धूमनगंज में सारस्वत फार्मास्यूटिक्लस नाम की फर्म है। साथ ही सिविल लाइंस स्थित काशी आर्नामेंट हाउस का एक हिस्सा भी उन्होंने खरीद रखा है। कटरा में शक्ति डिस्ट्रीब्यूटर नाम की फर्म है। इसके अलावा लीडर रोड, हीवेट रोड पर शराब की दो-दो दुकानें, कटरा माधोकुंज, लक्ष्मी चौराहा के पास, अतरसुइया, मीरापुर एवं ममफोर्डगंज में शराब की दुकानें हैं। मुख्य आयकर आयुक्त राजीव जैन और प्रधान आयकर आयुक्त सुबचनराम के नेतृत्व में शुक्रवार को सबसे अधिक देर तक काशी आर्नामेंट हाउस के उस हिस्से में कार्रवाई चली, जो कारोबारी ने खरीद रखा है।
टीम ने कारोबारी के साथ करीबी रिश्तेदारों की संपत्तियां भी खंगलीं। इस दौरान तकरीबन आठ करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति का पता चला, जिसमें सबसे अधिक संपत्ति कारोबारी की पत्नी के पास है। आयकर विभाग अब बेनामी संपत्ति के मूल्य का 30 फीसदी टैक्स वसूलेगा। जांच-पड़ताल में यह भी पता चला कि राजेश ने एक अप्रैल 2017 से 18 जनवरी 2018 तक शराब का 15 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इसकी समीक्षा की जा रही है। अगर इसमें गड़बड़ी मिलती है तो टैक्स वसूला जाएगा।