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चार अज्ञात बाइक सवार युवकों ने दो व्यापारियों सहित तीन लोगों पर किया हमला

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अमर उजाला ब्यूरो
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कालांवाली (सिरसा)।
नगर में वीरवार रात को अज्ञात बाइक सवार युवकाें ने लूट के इरादे से वाटर वर्क्स रोड पर दुकान से घर लौटे व्यापारी भाइयों पर जानलेवा हमलाकर घायल दिया। इस वारदात के विरोध स्वरूप शुक्रवार को शहरवासियों ने मंडी बंद कर ओढां कैंचियों पर धरना प्रदर्शन कर रोष जताया। करीब पांच घंटे चला यह धरना एसडीएम और डीएसपी द्वारा प्रदर्शनकारियों की मांग पर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करने, थाना में पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति करने, शहर में गश्त के लिए एक और पीसीआर का प्रबंध करने का आश्वासन देने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया।
व्यापारी अशोक जिंदल अपने भाई राजेंद्र जिंदल के साथ वीरवार रात्रि को करीब आठ बजे अपने घर तक पहुंचे थे कि घर के बाहर ही बाइक अंदर करते समय अज्ञात युवकों ने लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया। तभी वहां से गुजर रहे सुरेंद्र कुमार ने जब शोर मचाया तो उस पर भी हमलावरों ने हमला कर घायल कर दिया और हुडा सेक्टर की तरफ फरार हो गए। घायलों को परिवारजनों और राहगीरों ने पहले निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां से प्राथमिक उपचार देकर उन्हें सरकारी अस्पताल में भेजा, जहां से उन्हें सिरसा के लिए रेफर कर दिया। वहां से अशोक जिंदल की गंभीर हालत को देखतेे हुए हिसार रेफर कर दिया। जहां निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। घटना के बाद थाना प्रभारी संदीप कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली।
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एक आवाज पर बंद हो गई सारी दुकानें
गत रात हुई घटना और शहर में पहले घटित हो चुकी दर्जनों लूटपाट, चोरी और हत्या आदि घटनाओं को लेकर शहरवासी अशोक जिंदल के घर के सामने एकत्रित हुए और वहां से रोष प्रदर्शन करते हुए विभिन्न बाजारों से होते हुए शहर में दुकानें बंद ओढ़ा कैंचियाें पर पहुंचकर धरना लगाया। शहर की विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक संस्थाओं के लोगों ने पहुंचकर धरने का समर्थन किया और शहर में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की।

अपराधियों में पुलिस का बिल्कुल डर नहीं
धरने के राहुल बांसल, बब्बू मित्तल, प्रदीप जैन, कृष्ण जिंदल, लखबीर सोढ़ी, भोला जगमालवाली, सुरेश प्रिंस, ओमप्रकाश लुहानी, वीर सिंह, टीटू सिंह, इशांत अरोड़ा, संजय गाबा सहित कई शहरवासियों ने बताया कि शहर में पुलिस से ज्यादा खौफ अपराधियों का है। अपराधियों में पुलिस का बिल्कुल डर नहीं है। अपराधी बेखौफ होकर शहर में चोरी, लूटपाट आदि आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन हर आपराधिक घटनाओं कोे सुलझाने में नाकाम साबित हो रही है, जिससे शहरवासियों में भय का माहौल है। गुंडा तत्व अब रास्तों से लूटपाट करने के अलावा लोगाें के घरों में घुसकर हमले करने लगे हैं, जिसके चलते आमजन अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वे अब घरों से बाहर निकलते में भी डरने लगे हैं। व्यापारी भय के शाम में व्यापार करने को मजबूर हो रहे हैं।

सांसद सहित अनेक नेता पहुंचे धरने में
धरने दौरान हलोपा नेता निर्मल सिंह मलड़ी, कांग्रेसी नेता शीशपाल केहरवाला, भाजपा नेता राजेंद्र सिंह, सांसद चरणजीत रोड़ी, नगरपालिका वाइस चैयरमैन मनीष जिंदल, मार्केट कमेटी वाइस चेयरमैन ओमप्रकाश वाजपेयी, पार्षद संदीप वर्मा, अमृतपाल बोबी, हरबंस सिंह और कई अन्य नेताओं ने पहुंचकर धरने का समर्थन किया और शहर में हर दिन घटित हो रही आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कड़ी निंदा की। इसके अलावा उन्हाेंने सरकार से पंजाब सीमा पर स्थित शहर कालांवाली में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की मांग की।

कई थानों की फोर्स पहुंची मौके पर
धरने दौरान आमजन को समझाने के लिए एएसपी नरेंद्र बिजरानिया, डीएसपी किशोरी लाल, एसडीएम बिजेंद्र सिंह, तहसीलदार छोटू राम भाखर, कालांवाली थाना प्रभारी संदीप कुमार, डबवाली के थाना प्रभारी हवा सिंह, बडागुढ़ा थाना प्रभारी कंवरपाल, ओढां थाना प्रभारी जगदीश कुमार, रोड़ी थाना प्रभारी सुखजीत सिंह मौके पर पहुंचे और शहरवासियों को समझाने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन शहरवासियों ने उनकी एक बात नहीं मानी और अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे, लेकिन दोपहर करीब तीन बजे सभी प्रदर्शनकारी ओढां कैंचियों से उठकर थाना में पहुंचें ओर वहां पर नारेबाजी कर रोष जताया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों में से दस सदस्यीय कमेटी की पुलिस के साथ बैठक होने के बाद पुलिस ने तुरंत दिलीप कुमार को नए थाना प्रभारी नियुक्त कर मौैके पर बुलाकर प्रदर्शनकारियों की उपरोेक्त मांगे मानने पर धरना समाप्त कर दिया गया। डीएसपी किशोरी लाल ने बताया कि थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है और उनके स्थान पर दलीप सिंह को तैनात किया गया है।

प्रदर्शन के दौरान भिडे़ कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता
धरने के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ता की ओर से घटना को लेकर भाजपा सरकार और खट्टर सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं नें कड़ा एतराज जताते हुए इसका विरोस किया। जिस पर दोनों पक्षों में काफी नाेंक-झोक हुई, जिन्हें मौजूद लोगाें को समझाकर राजनीति मुद्दा न बनाने की अपील करते हुए धरने का समर्थन देने को कहा, जिसके बाद सत्ता पार्टी के नेताआें सहित सभी पार्टियों के नेताआें ने मिलकर इस धरने का समर्थन दिया।
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लाठीचार्ज की चेतावनी पर बढ़ गया था तनाव
धरने दौरान प्रशासन की ओर से कई आश्वासनों के बावजूद धरना समाप्त न करने पर एएसपी नरेंद्र बिजरानिया की ओर से लाठीचार्ज करने की चेतावनी देने पर प्रदर्शनकारियों में आक्रोश पैदा हो गया और स्थिति काफी बिगड़ गई, जिसके चलते पुलिस की ओर से दंगा नियंत्रण वाहन व अन्य थाने की पुलिस बुलाकर स्थिति पर काबू पाया गया।
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