घूरपुर/करमा/गौहनिया (ब्यूरो)। घूरपुर थाना क्षेत्र के कंजासा गांव में बालू के चक्कर में शुक्रवार को तीन की जान चली गई। बेटे का मुंडन कराने बाइक से पत्नी और साली के साथ जा रहा युवक दिन में 10.30 बजे के आसपास कंजासा गांव के समीप पहुंचा था तभी सामने से ट्रक आ गया। ट्रक से बचने के लिए युवक ने बाइक रोक ली लेकिन सड़क किनारे बालू पड़ी होने के कारण वह पटरी पर नहीं उतर सका।
बाइक रुकी हुई थी लेकिन तभी टर्न लेने के दौरान ट्रक के पिछले हिस्से की चपेट में युवक की पत्नी, साली और बेटा आ गया। संतुलन बिगड़ने के कारण तीनों गिर पड़े। ट्रक का पिछला पहिया तीनों के सिर के ऊपर से गुजर गया। ग्रामीणों ने ट्रक को दौड़ाकर पकड़ लिया और शव को उठने नहीं दिया। मौके पर पहुंचे अफसरों ने लोगों को समझा बुझाकर शांत करवाया।
नैनी के धनुआ गांव का कोयला मजदूर सनोज भारतीय अपनी पत्नी मनीता (22), साली अनीता (16) के साथ एक वर्ष के बेटे गोलू का मुंडन कराने लालापुर थाना क्षेत्र के अमीलिया स्थित मसुरियन धाम जा रहा था। बाइक सनोज चला रहा था। कंजासा में संकरी सड़क के किनारे बालू पड़ी हुई थी। सामने से ट्रक आ गया तो सनोज बाइक को किनारे करके खड़ा हो गया। ट्रक बगल से गुजर रहा था तभी टर्न लेने पर पिछले हिस्से की चपेट में मनीता, अनीता आ गए। गोलू अनीता की गोद में था।
धक्का लगते ही तीनों गिर पड़े और ट्रक के पिछले पहिए के नीचे आ गए। सनोज तो बाइक पर बैठा ही रह गया। वह अपनी आंखों के सामने तीनों को मौत की गोद में समाते देेखता रह गया। वह चीखा भी लेकिन तब तक ट्रक का पहिया तीनों की जान ले चुका था। जिस गांव में हादसा हुआ, वहां मनीता की मौसी चकुनी भी रहती है। तुरंत ग्रामीण जुट गए और ट्रक ड्राइवर को दबोच लिया। शव को लोगों ने उठने नहीं दिया और जाम लगा दिया। आधे घंटे के भीतर ही घूरपुर थाने की पुलिस के साथ एसडीएम बारा सुशीला देवी, सीओ करछना राधेश्याम राय मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने लोगों को शांत कराने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया।
सनोज धनुआ में काम करता है। उसकी शादी धूमनगंज थाना क्षेत्र के तारापुर गांव के रहने वाले लक्ष्मण भारतीय की बेटी मनीता से 30 मई 2012 को हुई थी। दोनों ने मन्नत मांगी थी कि बेटे के जन्म पर मुंडन मसुरियन धाम में करवाएंगे। मनीता तीन बहनों में मझली थी। छोटी बहन अनीता भी करीब दस दिन से बहन की ससुराल में थी। सनोज के घर के निर्माण के सिलसिले में वह रुकी थी। मनीता के चार भाई भी हैं। घटना की एफआईआर भाई करन सुमन ने दर्ज करवाई।
गोलू अपनी मौसी अनीता की गोद में था। वह बाइक में पीछे बैठी थी। जब वह ट्रक के पहिए के नीचे आई तो भी उसने बच्चे को नहीं छोड़ा। बच्चा उसकी गोद में रहा। मौके पर पहुंचे परिवार वालों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
ग्रामीणों में अवैध बालू खनन को लेकर नाराजगी है। लोगों ने कहा कि अवैध रूप से खनन की गई बालू को सड़क किनारे ही डंप किया जाता है। अगर सड़क की पटरी खाली होती तो बाइक को नीचे उतारा जा सकता था। ऐसे में शुक्रवार जैसा हादसा नहीं होता।