पुलिस ने मंगलवार देर रात शिवकुटी क्षेत्र के रसूलाबाद में छापा मारकर अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। कुछ घंटे पहले ही मुट्ठीगंज में चेकिंग के दौरान अवैध असलहों संग एक व्यक्ति पकड़ा गया था। उसकी निशानदेही पर शिवकुटी में छापेमारी की गई। रसूलाबाद से भी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। बाद में मुख्य धंधेबाज शहीम को भी तमंचा समेत दबोच लिया गया। पुलिस को शक न हो इसलिए टेंट हाउस की आड़ में असलहा फैक्ट्री चलाई जा रही थी। आरोपियों के पास से पुलिस ने दो तमंचे, 16 कारतूस और भारी मात्रा में असलहे बनाने का सामान बरामद किया है।
सीओ थर्ड सुकीर्ति माधव ने बताया कि शहर में अवैध असलहे की तस्करी की सूचना पर लंबे समय से पुलिस इस गिरोह को पकड़ने केलिए लगी थी। मंगलवार शाम खबर मिली कि एक व्यक्ति हथियारों की सप्लाई के लिए कहीं जा रहा है। पुलिस ने बलुआघाट के पास घेराबंदी की तो कुछ देर बाद एक व्यक्ति आता दिखा। पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश की तो उसे दौड़ाकर दबोच लिया गया।
पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम शमीम अख्तर और पता अटाला खुल्दाबाद बताया। उसके पास दो तमंचे मिले। पहले तो वह गोलमोल बयान देता रहा, पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सच्चाई कुबूल ली। बताया कि वह लंबे समय से असलहों की तस्करी में लगा हुआ है। उसकी निशानदेही पर मुट्ठीगंज थानाध्यक्ष निशिकांत राय ने पुलिस बल के साथ देर रात शिवकुटी में रसूलाबाद स्थित अवैध तमंचा कारखाना में छापा मारा। खास बात यह कि यह कारखाना एक टेंट हाउस की आड़ में चल रहा था। वहां इंद्रजीत विश्वकर्मा निवासी मालवीय नगर मुट्ठीगंज को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को वहां 315 बोर के 16 कारतूस तथा असलहे बनाने के के सामान मिले। शाम को पुलिस ने असलहा कारोबार के मुख्य आरोपी शहीम बाबा को दबोच लिया। उसके कब्जे से भी तमंचा और कारतूस मिले।
सीओ ने बताया कि इस पूरे गोरखधंधे का मास्टरमाइंड गोविंदपुर निवासी शहीम बाबा पुत्र समीउल्ला है। वह लंबे समय से अवैध असलहा बनाने के गोरखधंधे में लिप्त है। पुलिस उस तक न पहुंच सके, इसके लिए वह लंबे समय तक एक जगह पर अपना ध्ंाधा संचालित नहीं करता है। कुछ दिनों बाद ही स्थान बदल देता है। उसका आपराधिक इतिहास है। पुलिस केमुताबिक ,शिवकुटी में अवैध असलहा बनाने का काम पिछले तीन महीने से चल रहा था। टेंट हाउस में काफी भीतर होने के कारण इसकी भनक किसी को नहीं लग सकी। फैक्ट्री से गिरफ्तार इंद्रजीत मूल रूप से कौशाम्बी का रहने वाला है। बढ़िया कारीगर होने के कारण उसे शहीम ने एक महीने पहले बुलाकर अपने पास काम दे दिया था। उधर पकड़े गए शमीम ने बताया कि वह अब तक 20 से अधिक पिस्टल-तमंचे बेच चुका है।