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दोहरे हत्याकांड को लेकर भारी बवाल, चक्का जाम

Wed, 21 Mar 2018 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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नवाबगंज के पसियापुर गांव में सोमवार को सुनील और अनिल की हत्या को लेकर मंगलवार को सुबह से ही बवाल शुरू हो गया। 100 से अधिक की संख्या में छात्र थाने में घुस गए। उन्हें बाहर निकाला गया तो उन्होंने चक्का जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस से झड़प की स्थिति बनी रही। शाम को पोस्टमार्टम के बाद एक बार फिर हंगामा खड़ा हो गया। परिजन शव को गांव ले जाना चाह रहे थे। पुलिस ने उन्हें फाफामऊ में रोक दिया। मुआवजे के आश्वासन के बाद ग्रामीण माने और दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
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नवाबगंज के पसियापुर में हत्यारों ने प्रतियोगी छात्र सुनील और उसके छोटे भाई अनिल की हत्या कर दी थी। सुनील नवाबगंज में एक कोचिंग संस्थान में पढ़ता था। मंगलवार की सुबह वहीं के छात्र आक्रोशित होकर थाने में घुस गए। उस समय थाने में फोर्स बहुत कम थी। तुरंत फोर्स को बुलाया गया। छात्रों से कहा गया कि सुनील की बहन ने मामा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसे पकड़ लिया गया है लेकिन छात्र नहीं माने। पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला तो बाहर निकल इलाहाबाद-लखनऊ हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। दोनों ओर से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। एसपी गंगापार ने तुरंत फोर्स को लड़कों को समझाने के लिए भेजा। छात्र भारी संख्या में कोचिंग संस्थान पर भी इकट्ठे हो गए थे। अधिकारियों ने उन्हें समझा बुझाकर चक्का जाम खत्म कराया। इसके बाद पुलिस ने कोचिंग संस्थान के संचालक से बात कर दो दिन की छुट्टी करवा दी।

दिन में पोस्टमार्टम के बाद एक बार फिर हंगामा शुरू हो गया। ग्रामीण तथा परिजनों दोनों शवों को लेकर नवाबगंज जाने लगे। वे वहां शव रखकर चक्का जाम करना चाह रहे थे। पुलिस को इस बात की भनक लग गई थी। पुलिस ने उन्हें फाफामऊ में ही रोक लिया। मौके पर एसडीएम सोरांव, एसपी गंगापार, सीओ सोरांव आदि अधिकारी उन्हें समझा बुझाकर घाट पर ले गए। एसपी गंगापार सुनील सिंह ने बताया कि ग्रामीण सुनील और अनिल की बहन को मुआवजा, शस्त्र लाइसेंस और नौकरी की मांग कर रहे थे। एसडीएम सोरांव ने पांच पांच लाख के मुआवजे के साथ शस्त्र लाइसेंस और नौकरी दिलाने के लिए भी संस्तुति की बात कही। इसके बाद दोनों भाइयों को अंतिम संस्कार कराया गया। रात में गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
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नवाबगंज के पसियापुर में सुनील और अनिल की हत्या में नामजद उनके मामा तीरथ को पुलिस ने रात में ही पकड़ लिया था। उसे मंगलवार को शहर लाया गया। यहां उच्चाधिकारियों ने कई घंटे पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक तीरथ के खिलाफ रिपोर्ट होने के बाद भी पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। तीन लाख का लेन देन और आशनाई का एंगल भी पुलिस के सामने है। करीब आधा दर्जन अन्य लोगों को भी उठाया गया है जिनसे कभी न कभी सुनील के परिवार का विवाद था।

पसियापुर गांव में सुनील और अनिल को जिस दरिंदगी से मारा गया, उनकी मां सुशीला को जिस तरह अधमरा किया गया। उससे गांव वाले हतप्रभ हैं। रात में सुनील की बहन लक्ष्मी उर्फ प्रियंका की एफआईआर पर तीरथ को हिरासत में ले लिया गया था। एसएसपी समेत अन्य आला अधिकारियों ने मंगलवार को दिन में तीरथ से पूछताछ की। उसके कुछ बयान संदिग्ध हैं। वह घटना की सूचना के बाद भी मौके पर नहीं आया था। तमाम बातों का वह ठीक से जवाब नहीं दे रहा है लेकिन पुलिस का कहना है कि तीरथ के अलावा भी मामला हो सकता है। दरअसल जिस हैवानियत से तीनों पर हमला हुआ था, उससे साफ है कि कातिलों की संख्या तीन या चार से अधिक रही होगी।

उन लोगों का हत्या के अलावा और कोई मकसद नहीं था। पुलिस की खोजबीन में यह भी मालूम चला कि सुशीला ने गांव के ही एक व्यक्ति को तीन लाख रुपये दिए थे। वह पैसे वापस नहीं कर रहा था। उस व्यक्ति से भी काफी विवाद चल रहा था। एक लड़की से आशनाई का मामला भी पता चला है। पुलिस दोनों भाइयों के काल डीटेल्स निकलवा रही है। कॉल डीटेल्स आने से बाद इस मामले से पर्दा उठने की संभावना है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि तीरथ से पूछताछ चल रही है। और बिंदुओं को खंगाला जा रहा है। एक दो दिन में इस मामले का खुलासा हो जाएगा।

नवाबगंज में कत्ल किए गए दो भाइयों की मां सुशीला देवी की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उनके गले और सिर में गहरी चोटें हैं। डाक्टरों के मुताबिक वह कोमा में है। उनकी सुरक्षा में दो सिपाहियों को लगाया गया है। मंगलवार को दिन में एसपी गंगापार सुनील सिंह भी सुशीला देवी को देखने पहुंचे थे।
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