रेलवे पुलिस ने हरियाणा के एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश कर दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ट्रेनों में यात्रियों से दोस्ती गांठने के बाद उन्हें झांसा देकर बैग-अटैची से गहने-नगदी उड़ाते थे। खास यह कि वे दोबारा लॉक लगा देते थे, जिससे यात्रियों को चोरी के बारे में घर पहुंचकर मालूम हो पाता है। गिरोह के दोनों बदमाशों के कब्जे से चोरी के आभूषण, नगदी, ट्राली बैग और तस्करी का गांजा बरामद हुआ है।
जीआरपी थाना प्रभारी मनोज सिंह ने शनिवार सुबह उपनिरीक्षक मनोज राय तथा हरिवंश प्रताप के साथ प्लेटफार्म पर घेरकर दो अपराधियों को दबोच लिया। तलाशी में उनके पास करीब डेढ़ लाख रुपये कीमत के गहने, 25 हजार रुपये नगद, महंगे कपड़ों से भरा ट्राली बैग, बैग-अटैची के लॉक खोलने में इस्तेमाल होने वाले पेचकस समेत कुछ औजार मिले। एक थैले में दस किलो गांजा भी बरामद हुआ। गिरफ्तार बदमाशों में हरियाणा के रोहतक जनपद के परवीन सांसी और रोहित उर्फ विक्की हैं। पूछताछ में पता चला कि हरियाणा के इस गिरोह में दस बदमाश हैं।
वे दिल्ली से हावड़ा के बीच ट्रेन में मुसाफिर की तरह सफर करते हैं। साथ बैठे यात्रियों से बातचीत के जरिए दोस्ती गांठ लेते हैं। यात्री स्टेशन पर उतरने लगता तो ये हमदर्द बनकर उसका बैग या अटैची प्लेटफार्म या गेट तक पहुंचाने के लिए खुद उठा लेते हैं। मौका पाकर भीड़ में सभी बदमाश अटैची को घेरते हैं । एक बदमाश उसका लॉक खोलकर नगदी या गहने भरा पार कर देता है। लॉक फिर वैसे ही लगा दिया जाता है, जिसले यात्री को भनक भी नहीं लगती। इस तरीके से यह गिरोह सैकड़ों यात्रियों को चपत लगा चुका है। ट्रेनों में चोरी के अलावा गिरोह के बदमाश गांजा सप्लाई में भी लिप्त हैं। बदमाशों ने ज्यादातर वारदात गोदान एक्सप्रेस, काशी एक्सप्रेस, तिरुपति, पवन एक्सप्रेस, गंगा कावेरी, गांधी धाम, चंबल, बीकानेर आदि में की थी।