पूर्व सांसद अतीक अहमद को शुक्रवार को जिला न्यायालय में आधा दर्जन मुकदमों में पेश किया गया। उनको देवरिया जेल से कड़ी सुरक्षा में यहां लाया गया था। पेशी के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी अतीक से मुलाकात करने कचहरी पहुंचे।
धूमनगंज थाना के मरियाडीह में सुरजीत अलकमा हत्याकांड में अतीक अहमद को न्यायिक अभिरक्षा में लिए जाने के लिए सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। रिमांड पर अभियोजन अधिकारी शिव श्याम त्रिपाठी ने पक्ष रखते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लिए जाने का तर्क रखा। अतीक अहमद की ओर से अधिवक्ता दयाशंकर मिश्र ने रिमांड पर पक्ष रखने के लिए समय की याचना की। सीजेएम मोना पंवार ने बचाव पक्ष की अर्जी मंजूर कर ली और रिमांड पर सुनवाई के लिए चार जून की तिथि नियत की है। जिससे इस प्रकरण में अतीक को रिमांड पर नहीं लिया जा सका । रिमांड के लिए पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में अतीक अहमद को विलंब से पांच बजे शाम के बाद पेश किया था।
इससे पूर्व पुलिस ने अतीक को स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में पेश किया। धूमनगंज थाने में जुल्फकार तोता सहित नौ लोगों के खिलाफ गुंडा टैक्स वसूली का एक मुकदमा 2015 में दर्ज कराया गया था। इस प्रकरण में अतीक अहमद का रिमांड नहीं बना था। प्रकरण के विवेचक एसएसआई शैलेश कुमार सिंह ने रिमांड पर लिए जाने की याचना की। अतीक अहमद की ओर से अर्जी दी गई कि उसके खिलाफ रिमांड पर लिए जाने का कोई साक्ष्य नहीं है मुकदमे में पुलिस द्वारा भ्रमित किया गया है। रिमांड पर लिए जाने के पूर्व सुना जाना आवश्यक है। स्पेशल सीजेएम नीरज गर्ग ने केस डायरी का अवलोकन कर पर्याप्त आधार पाते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लिया और अर्जी खारिज कर दी। इसी तरह कोर्ट ने कर्नलगंज के दो और खुल्दाबाद के दो मामलों में अग्रिम रिमांड आठ जून तक बढ़ाने का आदेश दिया है।