यमुनापार के मेजा इलाके में सोमवार सुबह पकड़ी सेवार गांव में बालू लादने जा रहे बेकाबू ट्रैक्टर ने छह साल की बालिका को रौंद दिया। उसकी मौत से नाराज लोगों ने ट्रैक्टर ड्राइवर को जमकर पीटने के बाद चक्काजाम कर दिया। एसडीएम और सीओ पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे तो ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा तथा दिन में बालू की ढुलाई पर रोक की मांग की। अफसरों से आश्वासन मिलने पर करीब सवा घंटे बाद जाम खत्म हुआ।
पकरी सेवार गांव निवासी कन्हैयालाल प्रजापति दूसरे का ट्रैक्टर चलाकर परिवार का गुजारा करता है। उसकी दो बेटियों में छोटी आस्था (6) कक्षा दो की छात्रा थीं। उसका मकान रामनगर-परानीपुर मार्ग किनारे है। इस सड़क पर दिन रात बालू ढोने वाले ट्रैक्टरों की आवाजाही होती रहती है। सोमवार सुबह करीब नौ बजे कन्हैयालाल की बेटी आस्था घर के बाहर खड़ी थी तभी मेजा रोड की तरफ से परानीपुर गंगा घाट पर बालू लादने जा रहा ट्रैक्टर तेज रफ्तार में गुजरा। ट्रैक्टर ने आस्था को रौंद दिया। आसपास मौजूद लोगों ने कुछ दूर पर घेरकर ट्रैक्टर रोका और ड्राइवर को दबोचकर पिटाई कर दी।
उधर, बालिका की वहीं मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने शव के पास चक्काजाम कर दिया। करीब घंटे भर बाद एसडीएम मेजा आयुष चौधरी और सीओ उमेश शर्मा भी पुलिस बल के साथ आ गए। पुलिस ने ड्राइवर को भीड़ से अपने कब्जे में लिया। लोगों ने मांग रखी कि बालिका के गरीब परिवार को मुआवजा दिया जाए, साथ ही दिन में बालू की ढुलाई पर रोक भी लगे। एसडीएम और सीओ ने दोनों मांग पर हामी भरी और भरोसा दिया कि परिवार को जमीन का पट्टा देने के साथ ही शासन से आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। तब सवा घंटे बाद लोग सड़क से हटे। पुलिस ने बालिका का शव सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। मासूम आस्था की दुर्घटना में मौत से उसकी मां समेत मुहल्ले वाले भी बेहद दुखी रहे।