एक युवती को नौकरी लगाने का झांसा देकर बृहस्पतिवार को अरैल की एक डेयरी में बंधक बनाकर सामूहिक बलात्कार किया गया। आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद युवती ने घर में जाकर बताया तो मां ने उसे थाने ले जाकर अरैल की महिला ग्राम प्रधान के दो पुत्रों के खिलाफ तहरीर देकर गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने पीड़ित युवती को मेडिकल टेस्ट के लिए भेजकर जांच और छापेमारी की। देर रात तक आरोपी पकड़ में नहीं आए थे।
23 वर्षीय रीना (नाम काल्पनिक) नैनी एडीए कॉलोनी की रहने वाली है। उसके पिता का निधन हो चुका है। वह मां के साथ रहती है। उसका परिचय कुछ समय पहले अरैल ग्राम प्रधान विमला देवी के पुत्र प्रभात से हुआ था। उनके बीच बातचीत होने लगी। रीना नौकरी की तलाश में थी। वह प्रभात से भी बोली तो उसने भरोसा दिया कि वह उसे जॉब दिला देगा। रीना का आरोप है कि बृहस्पतिवार सुबह प्रभात ने फोन किया और कहा कि उसे जॉब के लिए कहीं ले चलना है। उसे दुर्वाणी नगर के महर्षि चौराहे पर बुलाया। वह चौराहे पर पहुंची तो प्रभात ने उसे बाइक पर बैठाया और अरैल में अपनी डेयरी पर ले गया। उसने रीना से कहा कि यहीं नौकरी करना है। कमरे में उसके बडे़ भाई प्रदीप बैठे हैं। रीना को कमरे में भेजकर प्रभात ने दरवाजे में बाहर से सिटकनी लगा ली।
रीना का आरोप है कि प्रदीप ने उसके साथ बलात्कार किया और कहा कि अभी प्रभात भी यही करेगा। अगर चुप रहोगी तो यही काम करती जाओ पैसे मिलते जाएंगे। प्रदीप के बाद प्रभात ने भी उसके साथ रेप किया। फिर उसे बाइक पर बैठाकर नैनी के पास छोड़कर चला गया। रीना ने घर जाकर मां को रोते हुए आपबीती सुनाई। मां ने उसे नैनी थाने ले जाकर पुलिस से घटना की लिखित शिकायत की। पुलिस ने प्रभात और प्रदीप के खिलाफ अपहरण का केस लिखकर रीना को मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा दिया। नैनी थाना प्रभारी राजकुमार मलिक ने बताया कि मुकदमा लिखकर जांच की जा रही है। आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। उधर, अरैल प्रधान विमला ने कहा कि उनके बेटों को झूठा फंसाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदीप का भाई जीतू दो साल पहले अरैल के पास छात्रा दिव्या तिवारी की गोली मारकर हत्या में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।