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मुठभेड़ में दबोचे गए चार अपहर्ता, एक बदमाश को गोली लगी

Mon, 20 Nov 2017 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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गिरफ्तार - फोटो : FILE PHOTO
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जसरा बाजार से कपड़ा कारोबारी चंद्रकुमार के बेटे नैतिक का अपहरण करने वाले गिरोह के चार बदमाशों को क्राइम ब्रांच ने रविवार दोपहर घूरपुर में हवाई पट्टी पर घेरा तो वे फायरिंग करने लगे। मुठभेड़ के दौरान पुलिस फायरिंग में एक अपराधी अमित कुशवाहा के पैर में गोली लगी। उसके समेत चार अपराधियों को दबोचकर पुलिस ने दो अवैध हथियार, एक बाइक और एक डिलेवरी वैन बरामद की। घायल अपहर्ता को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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बृहस्पतिवार शाम जसरा में मिठाई की दुकान के बाहर से अगवा छह साल के नैतिक को शनिवार दोपहर बरगढ़ के जंगल में ग्रामीणों ने दो अपहर्ताओं से मुक्त कराया था। दरअसल, ग्रामीण पहाड़ी से उतर रहे दो युवकों के साथ बच्चे को देख सशंकित हो गए थे। पूछने पर बदमाश गोलमोल जवाब देने लगे तो लोगों ने उन्हें दौड़ाकर दबोचा और पीटकर पुलिस को खबर दी। खबर पाकर बरगढ़ थाने की पुलिस पहुंची। फिर इलाहाबाद पुलिस के साथ ही नैतिक के परिजन भी पहुंच गए। बच्चे को घर लाया गया। एसएसपी आकाश कुलहरि के मुताबिक, पकड़े गए शंकरगढ़ में करिया कला गांव के पुष्पराज कुशवाहा उर्फ पिंटू और पंचराज कोल से पूछताछ में पता चला कि वारदात में गौहनिया कस्बे का अमित कुशवाहा, उसका भाई अंकित कुशवाहा, मनोज साहू तथा बारी बजहिया गांव कौंधियारा का राजेश पटेल शामिल हैं।

 रविवार दोपहर क्राइम ब्रांच की टीम घूरपुर थानाध्यक्ष अरविंद त्रिवेदी के साथ फरार चार बदमाशों की तलाश में जुटी थी तभी सूचना मिली कि वे डिलेवरी वैन टाटा एस (छोटा हाथी) में इरादतगंज हवाई पट्टी की तरफ मौजूद हैं। इंटेलीजेंस विंग प्रभारी बृजेश सिंह और स्वाट टीम प्रभारी जीतेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में टीम ने वहां घेराबंदी की तो बदमाश फायरिंग कर भागने लगे। पुलिस ने भी फायरिंग की तो एक बदमाश के बाएं पैर से गोली पार हो गई। वह घायल होकर गिर गया। इसके बाद बाकी तीन बदमाशों को भी दबोचकर पुलिस ने एक तमंचा, एक पिस्टल और वैन जब्त कर ली। बच्चे के अपहरण में इस्तेमाल बाइक भी बरामद कर ली गई।
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एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गोली से घायल अमित कुशवाहा, उसके भाई अंकित, राजेश पटेल और मनोज साहू को गिरफ्तार किया। घायल अमित को अस्पताल ले जाया गया। पूछताछ में जानकारी मिली कि नैतिक के अपहरण का मास्टर माइंड अमित कुशवाहा ही है। इंटर पास अमित पहले मुंबई में ऑटो चलाता था। कुछ महीने पहले वहां से लौट आया तो पैसों के किल्लत होने लगी। उसने मुंबई अपराध जगत की तर्ज पर किसी कारोबारी के बेटे का अपहरण कर फिरौती वसूलने की सोची। डिलेवरी वैन चलाने वाले दोस्त राजेश की सलाह पर उसने जसरा के व्यापारी शंभूनाथ के पोते नैतिक को चिन्हित किया। करीब 20 दिन तक उसने बार-बार जसरा बाजार जाकर रेकी की। फिरौती के लिए फोन करने की खातिर 20 दिन के भीतर गौहनिया और करमा में दो मोबाइल फोन छीनकर रख लिए थे। अमित ने भाई अंकित समेत पांच लोगों को वारदात में शामिल किया। शंकरगढ़ के पुष्पराज और पंचराज को सिर्फ पांच-पांच हजार रुपये देने का वादा किया था।

पूछताछ में पता चला कि अमित और राजेश ने सोचा था कि वे बच्चे के पिता को फिरौती की रकम बैग में भरकर इलाहाबाद से मुंबई जाने वाली ट्रेन में चढ़ने को कहते। फिर पिता को फोनकर बरगढ़ के पास कहीं चलती ट्रेन से बैग को बाहर फिंकवा देते। ऐसे में पुलिस भी उन्हें पकड़ने में नाकाम रहती। एसएसपी ने मुंबई पुलिस से फोन पर संपर्क किया ताकि पता चल सके कि अमित वहां कोई वारदात करने के बाद तो नहीं भाग आया। एसएसपी ने कहा कि बच्चे की बरामदगी और दो बदमाशों को पकड़ने में बरगढ़ के ग्रामीणों ने सराहनीय काम किया है। उन्हें 26 जनवरी की परेड में पुलिस लाइन बुलाकर सम्मानित किया जाएगा।
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