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हफ्ते में चार मौतों से गांव में मचा हाहाकार

Sun, 01 May 2016 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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बोलेरो सिंबलधार के समीप बेकाबू होकर गहरी खाई में जा गिरी।
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हंडिया के पूरे गोबई गांव में शनिवार को दिन भर विलाप गूंजता रहा। हर कोई स्तब्ध था। चेहरों पर गम के साथ ही अनजानी सी आशंका का भय भी झलक रहा था। बमुश्किल छह रोज के भीतर इस गांव में चार लोगों की अकाल मौत हो चुकी है। पहले एक झोलाछाप डॉक्टर का उसके चचेरे भाई ने ही कत्ल कर दिया। फिर शुक्रवार रात गांव के दो लोग बाइक पर भदोही जनपद में बारात में शामिल होने के लिए जाते वक्त हादसे का शिकार हो गए। गांव वाले इन दो घटनाओं में हुई मौतों से गमगीन थे कि शनिवार दोपहर एक छात्रा ने बीमार से दम तोड़ा तो हाहाकार मच गया।
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पूरे गोबई गांव में 24 अप्रैल की रात झोलाछाप डॉक्टर शोभनाथ यादव को उसके चचेरे भाई पंचलाल यादव ने पेचकस से गोदकर मार डाला था। इस घटना से लोग दुख में डूबे हैं। चचेरे भाई को मारने वाले पंचलाल के भाई राजाराम के बेटे का शुक्रवार को गोपीगंज के आगे अछवर गांव में ब्याह था। पूरे गोबई गांव के ओमप्रकाश विश्वकर्मा उर्फ कपूरचंद्र (45) भी अपने पड़ोसी शीतला प्रसाद यादव (48) के साथ बारात में शामिल होने के लिए बाइक पर निकला था। मगर देर रात गोपीगंज के पास उन दोनों को बेकाबू कार ने रौंद दिया। शीतला की वहीं मौत हो गई जबकि ओमप्रकाश ने बीएचयू में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली।

उन दोनों के परिवार में कोहराम मचा तो पूरा गांव शोक में डूब गया। गम में डूबे लोग बात कर रहे थे कि ये कैसी विपदा आ गई कि गांव में पांच रोज के भीतर तीन लोग अकाल मौत का शिकार हो गए। दोपहर बाद इसी गांव के उमेश मिश्र की बेटी रिशु (15) की बीमारी से मृत्यु की खबर फैली तो लोग सन्न रह गए। चार मौतों ने गांव वालों में गम के साथ घबराहट भी पैदा कर दी। हादसे का शिकार हुए ओमप्रकाश विश्वकर्मा और शीतला प्रसाद के घरों में तो आधी रात तक विलाप गूंजता रहा। ओमप्रकाश की पत्नी रमवंती देवी और मां हुबरानी रोती-कलपती रहीं। उसके दो बेटे और दो बेटियां भी सिसकते रहे। शीतला प्रसाद के भी परिवार में मातम पसरा रहा। उसका एक बेटा राजकुमार और तीन बेटियां हैं। वह सबका विवाह कर चुका था। पत्नी छब्बी देवी और बेटे-बेटियां रोते-बिलखते रहे जिन्हें गांव वाले दिलासा देने में जुटे थे। 
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