खुल्दाबाद के सराय खुल्दाबाद मोहल्ला स्थित मंदिर में रखी प्रतिमा खंडित मिलने पर रविवार सुबह आक्रोश फैल गया। नाराज लोगों ने दोपहर में मंदिर के पास ही चक्काजाम कर दिया, जिससे वाहनों की कतार लग गई। पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने दूसरी प्रतिमा स्थापित कराई तब जाकर लोग चार घंटे बाद उन्होंने जाम खोला। मामले में लोगों की तहरीर पर एडीए कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
खुल्दाबाद गेट के पास ही एक मंदिर है, जिसमें कुछ प्रतिमाएं रखी गई हैं। रविवार सुबह मोहल्ले के लोग मंदिर की तरफ गए तो यहां एक प्रतिमा खंडित देखकर वह स्तब्ध रह गए। नाराज लोगों ने सुबह 11 बजे के करीब गेट के पास ही रास्ता जाम कर दिया। सूचना मिलने पर एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एएसपी शिवराज और एसडीएम के अलावा स्थानीय थाने की फोर्स लेकर इंस्पेक्टर रोशनलाल भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने आशंका जताई कि रात में एडीए की ओर से अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान ही प्रतिमा खंडित हुई। अफसरों ने बहुत समझाया लेकिन लोग जाम खत्म करने को राजी नहीं हुए। चार घंटे बाद अफसरों ने दोबारा प्रतिमा स्थापित कराने का आश्वासन दिया। साथ ही नई प्रतिमा मंगवाकर धार्मिक स्थल में स्थापित कराई तब जाकर लोग शांत हुए। तब करीब चार घंटे बाद जाकर यातायात बहाल हुआ। प्रदर्शन के दौरान पूर्व पार्षद वीरेंद्र सोनकर, गीता विश्वकर्मा, देवेंद्र, अभिषेक, कृष्णा, आनंद, नवीन समेत अन्य लोग मौजूद रहे। एएसपी शिवराज ने बताया कि स्थानीय लोगों की तहरीर पर एडीए कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि एक महीने पहले इसी धार्मिक स्थल में लगी रेलिंग एडीए की ओर से हटवा दी गई थी। इसके बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होने लगे थे। इस बारे में अफसरों से शिकायत भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि उक्त रोड का चौड़ीकरण होना है। इसी के तहत अतिक्रमण हटाने की संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय लोगों ने शक जताया है कि भोर में हुई घटना एडीए कर्मचारियों ने की।