पूर्व सांसद अतीक अहमद पर मेहरबान सपा सरकार उनके खिलाफ दर्ज गैंगस्टर का मुकदमा वापस लेगी। इसके लिए शासन की मंजूरी मिल चुकी है। अब सिर्फ अदालत की मंजूरी मिलनी बाकी है। अदालत से मंजूरी लेने के लिए अभियोजन ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी है। इस पर शीघ्र ही सुनवाई की संभावना है।
अतीक अहमद पर गैंगस्टर सहित तमाम आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें राजूपाल हत्याकांड और हत्याकांड के गवाहों को धमकाने का भी मुकदमा है। इसके अलावा अतीक पर कचहरी में हुए बम हमले का मुकदमा भी चल रहा है। वर्ष 2007 में बसपा में सत्ता में आने के बाद अतीक और उनके सहयोगियों के खिलाफ राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल, महेंद्र पटेल, मो. सादिक और मो. सैफ ने डरा धमकाकर गवाही बदलने का दबाव डालने का केस दर्ज कराया था। इसके अलावा जमीन हड़पने के मामले में धूमनगंज की शकुंतला ने मुकदमा दर्ज कराया था।
इनमें से मो. सादिक और मो. सैफ द्वारा दर्ज मुकदमा समाप्त हो चुका है। शेष दो गवाहों के केस अभी चल रहे हैं। अतीक के खिलाफ राजूपाल हत्याकांड का मुकदमा भी है, जिसकी सीबीआई जांच का आदेश सुप्रीमकोर्ट ने दिया है। इन आधारों पर अतीक पर 22 सितंबर 2007 को गैंगस्टर एक्ट के तहत खुल्दाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया था। इसे वापस लेने के लिए शासन के निर्देश पर अभियोजन ने विशेष जज गैंगस्टर प्रेम नाथ की अदालत में अर्जी दी है।
अभियोजन के अनुसार अतीक अहमद के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। बुधवार को मामले की सुनवाई होनी थी। अतीक अहमद कोर्ट में पेश हुए। वकीलों की हड़ताल के चलते सुनवाई टल गई। शासन की ओर से गैंगस्टर का मुकदमा वापस लिए जाने की अर्जी अभियोजन की ओर दी गई है, जिसकी सुनवाई और निस्तारण तीन मार्च 2016 को होगा ।