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फिर से खंगाले जा रहे हैं पांच हजार मोबाइल नंबर

Thu, 16 Nov 2017 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
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डा. एके बंसल की हत्या का राजफाश करने के लिए क्राइम ब्रांच और एसटीएफ  संयुक्त रूप से एक हजार मोबाइल नंबरों की फिर से पड़ताल करेगी। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने इन नंबरों की पड़ताल के लिए टीम को एक महीने का समय दिया है। आठ महीने पहले भी इन नंबरों की पड़ताल की गई थी लेकिन उन दिनों कोई क्लू नहीं मिला। अब इस काम के लिए नए इंस्पेक्टर आईटी और सर्विलांस की एक्सपर्ट टीम भी लगाई गई है।
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इसी साल 12 जनवरी को जीवन ज्योति अस्पताल के अंदर डा. ए के बंसल की गोली मारकर हत्या कर की गई थी। हत्या से दो दिन पहले और दो दिन बाद तक के सभी मोबाइल कंपनियों से 75 हजार नंबरों की डिटेल मंगाईं गईं थीं। इनमें से पांच हजार मोबाइल नंबरों को उन दिनों ट्रेस किया गया। वही नंबर 15 दिसंबर तक ट्रेस किए जाएंगे। इस बार फर्क इतना है कि इंस्पेक्टरों की नई टीम होगी और उसके साथ सर्विलांस के एक्सपर्ट रहेंगे।

एसएसपी आकाश कुलहरि का कहना है कि नए सिरे से जांच के दौरान मोबाइल नंबर को ट्रेस करने पर कुछ संदिग्धों के पकड़ में आने की संभावना है। इसीलिए क्राइम ब्रांच के छह निरीक्षकों की तीन टीम बनाई गईं है।दूसरी ओर एसटीएफ केएसपी प्रवीण सिंह चौहान का कहना है कि नए सिरे से पांच हजार संदिग्ध नंबर ट्रेस किए जा रहे हैं। इनकी फिर से की जा रही पड़ताल में कुछ न कुछ क्लू मिलने की संभावना है। इसके अलावा पूर्व केसीसी टीवी फुटेज और उसकेबाद से सीसी फुटेज भी जांच में शामिल कर लिए हैं। पिछले दस महीने तक की गई जांच में ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाए हैं।
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डा. एके बंसल हत्या कांड में पुलिस एवं एसटीएफ आज भी आलोक सिन्हा को नहीं खोज पाई है। जबकि शुरू से ही वह प्राइम सस्पेक्ट के रूप में देखा जा रहा है। एसटीएफ उसके बिहार स्थित घर और ठिकानों पर पहुंच गई लेकिन खोज नहीं पाई। वह परिवार सहित एक साल से फरार है। बूीच में आलोक सिन्हा का मोबाइल भी एसटीएफ ने खोज लिया था लेकिन उसे पकड़ने में कामयाबी नहीं मिल पाई।
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