कोतवाली थाना क्षेत्र के जानसेनगंज में भोला एंड संस ज्वैलरी की दुकान में नकबजनी कर लगभग एक करोड़ के आभूषणों को चोरी करने वाले गिरोह के पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चोरी झारखंड के साहेबगंज के रहने वाले गिरोह ने की थी। मुख्य अभियुक्त के साथ करेली के रहने वाले चार मददगारों को भी पकड़ा गया है। उनके पास से चोरी किए गए लाखों के आभूषण बरामद किए गए हैं। इस मामले में अभी भी पांच अभियुक्त फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
ज्वैलरी की दुकान में चोरी में कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच को करेली इलाके से साहेबगंज के रहीम शेख का सुराग मिला था, जो कि घटना से पहले यहां देखा गया था। पुलिस की टीम ने साहेबगंज से उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एक करोड़ की चोरी का खुलासा हो गया। उसके पकड़े जाने के बाद पुलिस ने साहेबगंज से लेकर करेली तक छापेमारी और लाखों के आभूषण बरामद कर लिए। इसके बाद ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू हुई। इंस्पेक्टर कोतवाली रवींद्र यादव, मैनुद्दीन बेग और सत्यपाल बिंद की टीम के साथ क्राइम ब्रांच प्रभारी बृजेश सिंह की टीम ने साहेबगंज के मत्ता शेख (हाल पता करेली), जमील खां निवासी मालदा (हाल पता करेली) उसकी पत्नी सलमा और करेलाबाग के श्याम सुंदर साहू को गिरफ्तार कर लिया।
उनके पास से भी काफी आभूषण मिले। इस मामले में रहीम के भाई रबीबुल शेख, असराउल शेख, जियाउल शेख, शफीकुल शेख और जैनुल शेख को वांटेड किया गया है। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि रहीम शेख साहेबगंज इलाके का नामी चोर है। वह अपने भाई रबीबुल शेख के साथ मिलकर देश भर में बड़ी बड़ी चोरियों को अंजाम देता है। करेली में रहीम का मामा जियाउल उर्फ जहुल्ला रहता है। उसने यहीं पर शादी भी कर ली। जहुल्ला ने ही रेकी कर बताया था कि भोला एंड संस ज्वैलर्स के यहां चोरी में काफी माल मिलेगा। इसके बाद योजना बनाकर 16 अगस्त को नकब लगाकर चोरी को अंजाम दिया गया।
रहीम शेख ने दुकान देखने के बाद रबीबुल, असराउल, जैनुल और शफीकुल को इलाहाबाद बुला लिया। मत्ता शेख और महाजन श्याम को भी चोरी में हिस्सा देने का लालच देकर शामिल किया गया। मत्ता ने ही करेली के काशीराम योजना स्थित घर में सभी को रुकवाया। महाजन ने अपना ई रिक्शा दिया। गिरोह के लोग प्रतिदिन रात को जाते और थोड़ी थोड़ी सेंध काटकर वापस आ जाते। दीवार में प्लाई लगी थी, इस कारण वारदात को 15 अगस्त की रात में अंजाम नहीं दे पाए। 16 को चोरी के बाद जियाउल के घर जेवरात का बंटवारा हुआ। इसके बाद सभी अपने अपने घर चले गए।
गिरोह के लोगों ने रात में घटनास्थल पर रोटी खाई थी। कुछ रोटियां वहां छोड़ दी गई थीं। कुछ सिपाहियों ने बताया कि ऐसी रोटी सिर्फ करेली के करेलाबाग इलाके की कुछ दुकानों में बनाई जाती है। पुलिस करेलाबाग गई, वहीं से सुराग लगा कि एक महिला पिछले कुछ दिनों से बहुत पैसा खर्च कर रही है। घर में काफी सामान भी मंगाया गया है। इसके बाद पुलिस ने महिला के घर वालों को उठाया और रहीम शेख का सुराग लगा।
कोतवाली पुलिस ने जब चोरी की जांच शुरू की तो घटनास्थल पर एक किताब मिली थी। किताब उन्नाव में पब्लिश हुई थी। उसी समय कोतवाल के पास एक फोन आया। उसने बताया कि चोरी उन्नाव के ही कुछ लोगों ने की है। उसने नाम भी बताए। पुलिस उन्नाव पहुंची और उन लोगों को पकड़ लिया। बाद में पता चला कि उनके एक दुश्मन ने परेशान करने के लिए पुलिस को उनके नाम बता दिए हैं। खुलासा होने के बाद उन्नाव के लोगों को छोड़ा गया।