नैनी (इलाहाबाद)। औद्योगिक क्षेत्र थानांतर्गत डेरी बाजार में बृहस्पतिवार सुबह स्कार्पियो सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े एक मिठाई की दुकान में घुसकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से दुकान के मालिक की मौत हो गई। घटना से नाराज लोगों ने मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर पर हमला बोल दिया।
पथराव में इंस्पेक्टर समेत कई पुलिस कर्मी जख्मी हो गए। पथराव में उधर से गुजर रही 108 एंबुलेंस भी क्षतिग्रस्त हो गई। लोगों ने मिर्जापुर मार्ग पर जाम लगा दिया तो एसएसपी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। फायरिंग का आरोप चटकहना के प्रधान पर लगा है। प्रधान, उसके दो भाइयों और चार गार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया तो लोगों ने जाम खत्म किया।
लोगों का आरोप है कि दो दिन पहले प्रधान के लोगों ने व्यापारी के परिजनों से मारपीट की थी। इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट दर्ज कर ली होती तो यह घटना नहीं होती। शिकायत के आधार पर एसएसपी दीपक कुमार ने औद्योगिक क्षेत्र थाने के इंस्पेक्टर उमाशंकर शुक्ला को लाइन हाजिर कर दिया है।
डेरी बाजार, नेवादा समोगर में बृहस्पतिवार सुबह तकरीबन दस बजे तीर्थराज केसरवानी (60) अपनी मिठाई की दुकान पर बैठे थे। उसी दौरान स्कार्पियो पर सवार सात लोग आए और फायरिंग करने लगे। तीन गोलियां तीर्थराज को लगीं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। तीर्थराज के बेटे दिलीप ने फ्रिज के पीछे छिपकर जान बचाई। गोलियों की तड़तड़ाहट से आसपास के लोगों में खलबली मच गई।
दुकानों के शटर गिरने लगे। इसके बाद हमलावर मौके से भाग निकले। घटना के बाद मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर उमाशंकर शुक्ल पर लोगों ने पथराव कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें रामपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पथराव के बाद लोगों ने इलाहाबाद-मिर्जापुर राजमार्ग पर जाम लगा दिया। मौके पर एसएसपी दीपक कुमार, एडीएम सिटी एसके शर्मा, एसपी यमुनापार नीरज पांडेय, एसडीएम करछना राजकुमार द्बिवेदी, सीओ करछना समर बहादुर कई थानों की फोर्स लेकर पहुंचे। लोग पुलिस के रवैये से खासे नाराज थे। जाम चार घंटे तक लगा रहा। एसएसपी को जाम खुलवाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
तीर्थराज के घरवालों से प्रधान के लोगों का विवाद मामूली सी बात पर हुआ था। मंगलवार को प्रधान के घर के बाहर गाड़ी की धुलाई हो रही थी, जिससे बौछार पड़ोसी तीर्थराज के भाई बबोले की किराना दुकान में रखे सामान पर पड़ रही थी। इस पर उन्होंने एतराज जताया था।
आरोप है कि इससे भड़के प्रधान के लोगों ने असलहों के साथ उनके घर पर धावा बोल दिया। तीर्थराज के बड़े बेटे दिलीप को बंदूक के नाल से पीटा गया था। उक्त घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने लोग थाने गए थे लेकिन वहां समझौता करा दिया गया था। लोगों का कहना था कि तभी कार्रवाई की गई होती तो यह वारदात नहीं होती।
तीर्थराज के बेटे दिलीप की तहरीर पर चटकहना प्रधान विजय तिवारी, उसके भाई मंटू एवं विन्नू तथा उनके चार गनर के खिलाफ धारा 147, 148, 549, 302, 504, 506, 307 एवं 7सीएलए एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।