कटघर के रहने वाले राजीव आनंद के नाम से खरीदी गई हुंडई कार को फर्जी दस्तावेज तैयार करके बेच दिया गया। यह जानकारी राजीव को हुई तो उन्होंने थाने से लेकर एसएसपी तक शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बाद में सीजेएम के यहां अपना पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर आरटीओ, डी मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड सहित पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश कर दिए।
थाना सिविल लाइंस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार मुट्ठीगंज निवासी राजीव की कई साल पहले शादी हुई थी। उसी समय राजीव ने हुंडई कार खरीदी। शादी के कुछ दिन बाद राजीव का पत्नी से विवाद हो गया। कार पत्नी के कब्जे में थी और मालिकाना हक का फार्म नंबर 22 राजीव के नाम का उसी के पास था। जिसके कारण एक साल तक कार का रजिस्ट्ेशन नहीं हो सका।
राजीव की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा है कि ससुरालियों ने कंपनी से मिली भगत करके पहला फार्म नंबर 22 गम होने की एनसीआर दर्ज कराई। ुसके बाद दूसरा फार्म नंबर 22 जारी करा लिया। जिसके आधार पर मेरे फर्जी प्रपत्र और हस्ताक्षर करके यह कार कासिम नामक व्यक्ति को बेच दी गई। बाद में इस कार को कासिम से किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया। कार बेचने की जानकारी हुई तो थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया। लेकिन पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट के आदेश पर आरटीओ, हुंडई कंपनी के मालिक डी मोटर्स लिमिटेड, विनोद कुमार रस्तोगी, तपिस रस्तोगी और अर्पिता रस्तोगी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।