पालपुर घाट पर पिता की आंखों के सामने उसके मासूम बेटा और बेटी डूब गए। पिता मछली पकड़ने वाले युवकों से अपने बच्चों के शव निकालने के लिए गिड़गिड़ाता रहा। मगर यमुना नदी में पानी गहरा होने की वजह से यह युवक दोबारा नदी में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। कुछ देर बाद गोताखोरों ने दोनों मासूम के शव निकाले और उनको देखकर पिता कृष्ण कुमार बेहोश होकर जमीन पर गिर गए।
कौंधियारा के बहेरी निवासी कृष्ण कुमार की ससुराल यमुना के दूसरी पार बाबू का पुरवा में है। पत्नी उर्मिला देवी बेटे सरस (8) और पुत्री पूजा (5) को लेकर मायके गई हुईथी। रविवार को वह बच्चों को लेकर लौटी। तारापुर घाट पर सरस और पूजा को छोड़ने के लिए उसकी मौसी और मामा शिव प्रकाश भी आए थे। उर्मिला देवी को छोड़ने के लिए उसकी मां निर्मला भी नाव पर बैठ गईं। जबकि पालपुर घाट पर कृष्ण कुमार अपने साले ओमप्रकाश के साथ नाव में था। पालपुर घाट से महज दस मीटर की दूरी पर दूसरी नाव पलटी तो कृष्ण कुमार चिल्लाने लगा। घाट पर मछली मारने वाले युवक उर्मिला देवी, उसकी मां निर्मला देवी समेत दस लोगों को निकाल लाए।
मगर दोनों बच्चों का पता नहीं चला। कृष्ण कुमार अपने बच्चों को निकालने के लिए युवकों से गिड़गिड़ाने लगा मगर पानी गहरा होने की वजह से थक चुके युवक दोबारा नदी में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। शव निकले तो वहां मौजूद परिजनों का रो- रो कर बुरा हाल हो गया। डीएम संजय कुमार ने कृष्ण कुमार को सांत्वना दी। उसी समय कृष्ण कुमार ने डीएम से अनुरोध किया कि उनके मासूम का पोस्टमार्टम न कराए जाए। डीएम ने दोनों मासूम के शव बिना पोस्टमार्टम के सौंपने के आदेश पुलिस को दे दिए।