बीएससी की छात्रा ने सोमवार दोपहर पिता की डांट से क्षुब्ध होकर नये पुल से यमुना में छलांग लगा दी। वह पिता के सामने रेलिंग पर चढकर यमुना में कूदी थी। पिता और राहगीरों ने शोर मचाया। नीचे नाव पर मौजूद मल्लाहों ने यमुना में कूदकर छात्रा को डूबने से बचा लिया। खबर पाकर नैनी पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने निकट के निजी हॉस्पिटल में छात्रा का इलाज कराया। फिर परिजन उसे घर ले गए।
उत्तरी लोकपुर की रहने वाली बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा को सोमवार दोपहर उसके पिता ने किसी बात पर फटकार दिया। बस इतनी सी बात पर तैश में आकर छात्रा ने आत्महत्या की ठान ली। वह घर से निकली तो संशकित होकर पिता भी पीछे लग गए। पिता ने रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानी। वह नए पुल पर पहुंची और अचानक रेलिंग पर चढ़कर यमुना में कूद गई। बेटी को पुल से कूदता देख पिता ने शोर मचाना शुरू कर दिया। राहगीर भी जुट गए। नीचे यमुना में नाव से गुजर रहे मल्लाहों ने छात्रा को कूदता देखा तो उसे बचाने के लिए पानी में कूद गए। मल्लाहों ने कुछ देर में छात्रा को पानी से बाहर निकाल लिया लेकिन इतनी देर में वह बेसुध हो गई थी। इस बीच जेल रोड चौकी प्रभारी सुनील सिंह भी आ गए थे। बेसुध छात्रा को पास के निजी अस्पताल में ले जाकर इलाज कराया गया। फिर उसे समझा-बुझाकर परिजनों के साथ घर भेज दिया गया।