चार-रोज पहले पर्स चुराकर भाग रहे बदमाश को पकड़ने की कोशिश में कानपुर के रूरा स्टेशन के पास चलती ट्रेन से गिरकर शिक्षिका रूसी आब्दी की मौत में लापरवाही और संवेदनहीनता दिखाने पर जीआरपी के दो सिपाहियों को निलंबित किया गया है। मंगलवार को आईजी रेलवे एलवी एंटोनी देवकुमार ने एसपी रेलवे केपी सिंह के साथ शिक्षिका के दरियाबाद स्थित घर जाकर उनके बच्चों से घटना के बारे में बात की।
करेलाबाग में रहने वाले बीपीसीएल में कार्यरत इमाम हुसैन की पत्नी रूसी आब्दी टैगोर पब्लिक स्कूल में टीचर थीं। गर्मी की छुट्टियों में वह बच्चों कशिश, महक और ऐयान को घुमाने के लिए बृहस्पतिवार रात आगरा और दिल्ली के लिए इलाहाबाद-जयपुर एक्सप्रेस से रवाना हुई थीं। पति को दिल्ली में मिलना था। रात में ट्रेन रूरा स्टेशन के पास राजधानी एक्सप्रेस को पास देने के लिए रुकी। तभी एक बदमाश बोगी में घुसा और बर्थ पर लेटी रूसी के पास रखा पर्स उठाकर भागने लगा। रूसी उसके पीछे भागी तो वह गेट से बाहर कूद गया। उसे पकड़ने की कोशिश में रूसी लड़खड़ाकर नीचे गिर गईं। उनका पैर गेट में फंस गया जबकि सिर नीचे टकराया जो उनकी मौत का कारण बना।
बदमाश पर्स लेकर भाग गया। इस घटना ने हर किसी को दुखी और स्तब्ध किया। बच्चों का आरोप है कि सिपाहियों ने गेट खोल दिया जिससे बदमाश अंदर आया। घटना के बाद भी सिपाहियों का रवैया बेहद खराब रहा। एसपी रेलवे केपी सिंह ने रविवार को घटनास्थल पर जाकर जांच की। मंगलवार को आईजी रेलवे एलवी एंटोनी देव कुमार भी एसपी रेलवे के साथ दरियाबाद स्थित रूसी आब्दी के मायके जाकर उनके तीनों बच्चों और पति इमाम हुसैन से मिलकर दुख जताया।
समाजसेवी दिलशाद ने मंसूरी ने आईजी से बदमाश की गिरफ्तारी और लापरवाह सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग की। आईजी और एसपी रेलवे ने बच्चों से घटना के बारे में बात की। साथ ही बच्चों को आधा दर्जन से ज्यादा संदिग्ध बदमाशों की तस्वीर दिखाई। हालांकि बदमाशों की शिनाख्त नहीं हो सकी। एसपी रेलवे ने अमर उजाला को बताया कि ट्रेन के एस्कार्ट दल में रहे मथुरा जीआरपी के सिपाही अश्विनी यादव और संजय परिहार निलंबित कर दिए गए हैं।