मुंबई के एक शिपिंग कंपनी में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का मामला बृहस्पतिवार को सामने आया। यहां दर्जनों युवकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। शक होने पर कुछ अभ्यर्थियों ने पूछताछ की तो पता चला कि यह पूरा खेल ठगी के लिए किया जा रहा है। एक अभ्यर्थी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
सिविल लाइंस थाने पहुंचे अभ्यर्थियों ने बताया कि मुंबई की अल्बाकोर मरीन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पिछले दिनों यूपी व बिहार में विज्ञापन निकाला गया। इसमें इंजीनियर से लेकर ऑफिस ब्वॉय समेत दर्जनों पदों के लिए अभ्यर्थियों की जरूरत बताई गई। 45 हजार से 3 लाख तक का वेतन बताकर विज्ञापन में कहा गया कि इच्छुक अभ्यर्थी प्रयागराज में 24 से शुरू होकर 28 अक्तूबर तक चलने वाले वॉक इन इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं। विज्ञापन पढ़ने के बाद बुधवार को दर्जनों अभ्यर्थी शहर के पत्रिका मार्ग स्थित साक्षात्कार स्थल यूपी बैंक इंप्लाइज वेलफेयर ट्रस्ट भवन में पहुंच गए।
इनमें से 70 अभ्यर्थियोें को चयनित भी करते हुए कहा गया कि वह मेडिकल व सत्यापन शुल्क के 26500 रुपये लेकर मुंबई पहुंचे। बहराइच से पहुंचे अभ्यर्थी सुमित कुमार सिंह व विकास सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को उनके साथ ही करीब 25 अभ्यर्थी साक्षात्कार देेने पहुंचे। यहां उन्हें एक ऐसा अभ्यर्थी मिला जो एक दिन पहले हुए साक्षात्कार में शामिल होकर चयनित हो चुका था। उसी के बताने पर पता चला कि चयनित अभ्यर्थियों को शुल्क लेकर मुंबई जाना है। सुमित ने बताया कि उसे व अन्य अभ्यर्थियों को तब शक हुआ जब पता चला कि 70 अभ्यर्थी एक दिन पहले ही चयनित हो चुके हैं। इसके बाद भवन के मालिक से बात करने पर पता चला कि वह इंटरव्यू करने वालों को जानता नहीं है। बताया कि पड़ोस में ही स्थित एक होटल कर्मचारी के माध्यम से इन लोगों ने पांच दिनों के लिए किराए पर भवन लिया है।
बकौल सुमित, साक्षात्कार करने वालों से पूछताछ की गई तो वह घबरा गए। इसके बाद जब इंटरनेट से कंपनी का नंबर निकालकर कॉल किया गया तो बताया कि गया कंपनी की ओर से कोई भी भर्ती नहीं की जा रही है। इसके बाद सूचना पर पुलिस पहुंच गई। इस दौरान खुद को कंपनी अफसर बताने वाले दो लोग भाग निकले जबकि पांच लोग पकड़े गए। प्रभारी सिविल लाइंस थाना दीनानाथ यादव का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि मामले की रिपोर्ट लखनऊ निवासी अभ्यर्थी उत्तम सिंह भदौरिया की तहरीर पर दर्ज की गई है। उसका आरोप है कि वह साक्षात्कार देने आया था। इस दौरान उससे 26500 रुपये ले लिए गए। नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रुपये ऐंठने की जानकारी पर विरोध किया तो उसे धमकी दी जाने लगी। पुलिस ने बताया कि उसकी तहरीर पर धोखाधड़ी, अमानत में ख्यानत व धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में विजय भंडारी, अवनीश मनोहर मुलम, यासीन मसूद खान, दीपकशंकर खंडागले व सचिन मनोहर गवारे सभी निवासी मुंबई शामिल हैं।