नैनी (इलाहाबाद)। शहर से सटे नैनी इलाके में मंगलवार सुबह एक मकान में जबरदस्त धमाका हुआ। विस्फोट में तीन मंजिला मकान का पिछला हिस्सा ढह गया। धमाके की खबर पाकर तीन थानों की फोर्स के साथ डीएम और एसएसपी समेत कई अफसर वहां पहुंच गए। दमकल दस्ते सहित बम डिस्पोजल स्कवॉयड और फोरेंसिक टीम भी बुला ली गई।
सेना की खुफिया टीम ने भी मौके का जायजा लिया। दोपहर में मलबा हटाने पर दो युवकों की लाश मिली। उनकी पहचान को लेकर रात तक संशय बना रहा। देर रात पुलिस ने कहा कि दोनों फरार किराएदार सलीम के करीबी हैं जो कुछ रोज पहले नैनीताल से आए थे। किराएदार अपने पुत्र समेत फरार है। धमाके की गहराई से जांच हो रही है। रहस्य बना है कि विस्फोट आतिशबाजी के ढेर में हुआ या वहां पटाखों की आड़ में शक्तिशाली बम तैयार किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एंटी टेररिस्ट स्कवॉयड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। नैनी पुलिस ने मकान मालिक और किराएदार के खिलाफ केस लिखा है।
नैनी सब्जी मंडी के निकट मिर्जापुर मार्ग से महज सौ मीटर की दूरी पर है पंजाबी हाता। वहां सगे भाइयों पंडित ब्रहमानंद तिवारी और रामानंद तिवारी का परिवार तीन मंजिला मकान के अलग हिस्से में रहता है। दोनों भाई कथा और विवाह समेत दूसरे धार्मिक कर्मकांड कराते हैं। मकान में तीन किराएदार रखे गए थे। रामानंद के हिस्से में तीसरे मंजिल के एक कमरे में पीएचक्यू में तैनात टेक्नीशियन अजय कुमार पत्नी-बच्चों संग रहता है। अन्य दो कमरों में सलीम उर्फ मनोज गुप्ता अपने 20 वर्षीय पुत्र महताब के साथ टिका था।
उसने लोगों को बताया था कि वह प्रापर्टी के साथ ही पटाखे बनाकर बेचने का धंधा करता है। तीसरी किराएदार हैं अनीता जो बेटे शुभम और बेटी कोमल के साथ रहती है। मंगलवार सुबह तकरीबन 10 बजे इस मकान के पिछले हिस्से में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना तगड़ा था कि मकान का पिछला आधा हिस्सा ढह गया। वहां धूल और मलबा फैल गया। आसपास के लोग घबराकर घरों से निकल गए। रामानंद और ब्रहमानंद के परिवार के लोग भी बाहर भागे। कुछ देर में नैनी थाने की पुलिस पहुंची। विस्फोट की भयावहता और भीड़ देख वहां दूसरे थानों से भी पुलिस फोर्स बुला ली गई। दमकल दस्ता बुला लिया गया।
एसएसपी केेएस इमैनुएल, डीएम संजय कुमार, एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र और सीओ पहुंच गए। मलबे से बारूद की गंध आ रही थी। बम का धमाका था। घर में और भी बारूद या बम की आशंका थी इसलिए खोजी कुत्ते और बम डिस्पोजल स्कवॉयड को भी बुला लिया गया। मलबे की चपेट में आकर ब्रहमानंद का पुत्र अमित तिवारी (24), उसकी बेटी वैष्णवी (6), रामानंद की पत्नी दुर्गा (40), किराएदार अनीता की बेटी कोमल को चोट पहुंची। उन्हें इलाज के लिए भेजा गया। तंग गली में किसी तरह जेसीबी बुलाकर मलबा हटाने पर एक के बाद एक दो युवकों के शव मिले। इन शवों की पहचान को लेकर रात तक संशय रहा।
देर रात नैनी पुलिस ने मकान मालिक ब्रहमानंद के हवाले से दावा किया कि मृतकों में दो युवक सलीम और शरीफ हैं। ये दोनों कुछ दिन पहले नैनीताल से आकर सलीम उर्फ मनोज के कमरे में ठहरे थे। वे सलीम के पुत्र महताब के पटाखा कारीगर दोस्त बताए गए थे। ऐसे में साफ हो गया कि घर से सलीम उर्फ मनोज अपने पुत्र महताब के साथ फरार है। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि धमाके के पीछे बारूद है। जांच यह कि जा रही है कि यह विस्फोट पटाखा के ढेर में हुआ या वहां बम बांधा गया था, जो फट गया। शक्तिशाली बम होने की आशंका के चलते एटीएस तथा सेना की खुफिया इकाई ने मौके पर जांच की। पुलिस की फोरेंसिक टीम ने मलबे से जांच के लिए नमूने उठाए। टीम को वहां बारूद के अवशेष मिले हैं। उन्हें रासायनिक जांच को भेजा जाएगा।