इलाहाबाद। ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के क्षेत्र करने वाली कंपनी ने निवेशकों को झांसा देकर करीब 50 लाख रुपये का चूना लगाया है। खास बात यह है कि निवेशक स्वयं भी दूसरी कंपनियों के संचालक है। कंपनी रकम जमा कराने के बाद अपना कार्यालय बंद कर भाग गई। निवेशकों की शिकायत पर सीजेएम ने सिविल लाइंस थाने को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
आवेदक राहुल अग्रवाल और अन्य ने सीजेएम न्यायालय में अर्जी देकर कहा है कि वह तीन फर्मों रार कन्फ्यूर ट्रेड काम लिमिटेड, रेवी हेक् नोसर्विस, मे. कन्फ्यूर के निदेशक हैं। उन्होंने सिविल लाइंस संगम प्लेस स्थित फर्म फेयर व्यू फोरेक्स लिमिटेड जो ऑनलाइन ट्रेडिंग और धन निवेश कराने का काम करती है में 39 लाख15हजार रुपये का निवेश किया था। इसके अलावा एग्रीमेंट के तौर पर 10 लाख रुपये जमा किए थे। वादी राहुल अग्रवाल का कहना है कि फेयर व्यू के निदेशक तौसीफ इस्लाम उनके इलाके नैनी के ही रहने वाले हैं, इसलिए उन पर भरोसा करके एक जून 2012 से उन्होंने निवेश प्रारंभ किया।
सितंबर 2012 तक उन्होंने 39,15,000 रुपये का निवेश किया। कंपनी ने इसकी रशीद भी दी है। मगर 31 जनवरी 13 को किए गए निवेश की रशीद कंपनी का नाम बदला हुआ था। पूछने पर बताया कि कंपनी के नाम में परिवर्तन किया गया है मगर पंजीकरण संख्या आदि वही है। इस दौरान राहुल ने कंपनी से एग्रीमेंट भी किया जिसकी सिक्योरिटी मनी 10 लाख रुपये जमा की। शर्त के अनुसार निवेश की गई रकम जब ब्याज सहित मांगी गई तो कंपनी के निदेशक अपने टाल मटोल करते रहे फिर एक दिन दफ्तर में ताला लगाकर गायब हो गए। मोबाइल फोन भी बंद कर दिया। अर्जी में तौसीफ इस्लाम के अलावा मो. तालिब, फुरकान, मो. मंसूर, रसीद अहमद, पवन दुबे, तहसीन सिद्दकी और सैयद गौसुद्दीन अहमद के खिलाफ शिकायत की गई है। यह लोग कंपनी के निदेशक मंडल के सदस्य हैं। सीजेएम ने सिविल लाइंस थाने को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।