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कर्मचारियोें ने प्रशासनिक अधिकारी को पीटा

Fri, 20 Feb 2015 11:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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सिंचाई विभाग प्रथम खंड में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने प्रशासनिक अधिकारी को शुक्रवार को पीट दिया। प्रशासनिक अधिकारी के पक्ष में लामबंद मिनिस्टीरियल एसोसिएशन से जुड़े बाबुओं ने हंगामा कर दिया। बाबुओं ने गोविंदपुर स्थित सिंचाई विभाग के सभी कार्यालयों में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार कर दिया। अधिशासी अभियंता ने बाबुओें से वार्ता कर आश्वासन दिया कि मारपीट व अभद्रता करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ प्राथमिकी दर्ज करई जाएगी। तब जाकर स्थिति सामान्य हुई। दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारी की ओर से घटना की तहरीर दी गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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श्यामलाल सरोज गोविंदपुर स्थित सिंचाई विभाग प्रथम खंड में प्रशासनिक अधिकारी हैं। घटनाक्रम के मुताबिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के पदाधिकारी बंतूराम प्रजापति समेत कुछ कर्मचारी नेता प्रशासनिक अधिकारी के पास पहुंचे। कर्मचारी नेताओं की वेतनमान को लेकर प्रशासनिक अधिकारी से कहासुनी हो गई। आरोप है कि कर्मचारियों ने प्रशासनिक अधिकारी की पिटाई करने के साथ ही उनके साथ अभद्रता की और जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया। घटना की जानकारी मिनिस्टीरियल एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों को हुई तो बाबुओं ने हंगामा कर दिया। आक्रोशित बाबुओं ने बेलन नहर प्रखंड, शारदा-39, सिंचाई खंड प्रथम, गूल नियंत्रण खंड, सोन पंप नहर प्रखंड, बागला नहर प्रखंड, बाण सागर नहर प्रखंड समेत सभी कार्यालयों में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार कर दिया।मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव और मंत्री सिद्धार्थ सोनकर की अगुवाई में पदाधिकारी एवं आक्रोशित कर्मचारी अधिशासी अभियंता अरुण कुमार से मिले। अधिशासी अभियंता ने आक्रोशित कर्मचारियों को मारपीट और अभद्रता के आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारी श्यामलाल सरोज की ओर से बंतूराम प्रजापति समेत कई कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी गई है। तहरीर में मारपीट , गालीगलौज करने के साथ जातिसूचक शब्दों के प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। मिनिस्टीरियल एसोसिएशन ने घटना की जानकारी विभागीय अधिकारियों को देने के साथ ही डीएम और एसएसपी को भी दी है।
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विभागीय सूत्रों की मानें तो सिंचाई विभाग में वर्कचार्ज कर्मचारी के तौर पर नियुक्तियां की गईं थीं। कई साल तक बतौर वर्कचार्ज कर्मचारी कार्य करने के बाद में इन कर्मचारियों को विभागीय स्तर पर नियमित कर दिया गया। इन कर्मचारियों को एसीपी का लाभ दिया जाना है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें वेतनलाभ उस अवधि से दिया जाय, जबसे उन्होंने नौकरी ज्वाइन की। जबकि विभाग उन्हें तब से वेतनमान का लाभ देना चाह रहा है जिस अवधि से उन्हें नियमित किया गया।
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