अतरसुइया थाना क्षेत्र के रानी मंडी इलाके में मंगलवार को जांच करने गई बिजली विभाग की टीम को घेर कर एसिड से हमला कर दिया गया। इस हमले में अवर अभियंता त्रिलोकी नाथ गोंड के कपड़े जल गए। उनका दाहिना पैर भी आंशिक रूप झुलस गया। जांच दल के सदस्यों को भागकर जान बचानी पड़ी। जेई को अस्पताल ले जाया गया। इस मामले में देर शाम जेई की तहरीर पर दो लोगों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। 30-40 अज्ञात लोगों पर भी एफआईआर दर्ज की गई है।
11 केवी स्विचिंग सब स्टेशन से जुड़े रानी मंडी क्षेत्र में मंगलवार की दोपहर 2:45 बजे जेई त्रिलोकी नाथ के नेतृत्व में चार सदस्यीय बिजली कर्मियों की टीम बिजली चोरी की शिकायत पर छापामारी करने पहुंची। कुछ घरों में मीटर चेक करना शुरू किया गया। बिजली विभाग की टीम जब नसरीन बेग नामक महिला के आवासीय परिसर में पहुंची, तभी आसपास के कुछ लोग वहां पहुंच कर विरोध करने लगे। जांच टीम को भीड़ ने घेर लिया। इसी दौरान किसी ने जेई की पैंट की जेब में ज्वलनशील पदार्थ डाल दिया। इससे उनके दाहिने पैर की त्वचा जलने लगी। पैंट कई जगह जल गई और धुआं उठने लगा। इससे वहां हड़कंप मच गया। एसिड अटैक की जानकारी मिलते ही जेई और उनके साथ गई टीम के सदस्य सोमनाथ वर्मा, इरफान और दीपचंद ने किसी तरह वहां से भाग कर जान बचाई। जेई की तहरीर पर इस मामले में अतरसुइया पुलिस ने रानीमंडी के सरवर अली और सफदर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। पुलिस ने बताया कि इस मामले में जांच टीम को घेरने वाले लोगों को भी चिह्नित किया जा रहा है।