वीरपुर बाजार में मंगलवार रात दुकान पर सो रहे एक वृद्ध व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घरवालों की तहरीर पर पट्टीदार समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पट्टीदार से अर्से से दुश्मनी चल रही है। पु्लिस ने बुधवार को दबिश देकर आरोपी पट्टीदार को गिरफ्तार कर लिया है।
वीरपुर गांव निवासी लालाराम पटेल (60) पुत्र रामतीरथ पटेल घर से थोड़ी दूर वीरपुर बाजार में आटा-चक्की व बीज भंडार की दुकान चलाते थे। रोज की तरह वह मंगलवार की रात अपनी दुकान पर सो रहे थे। देर रात उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना की रात में किसी को भनक नहीं लगी। सुबह जब घरवाले पहुंचे तो देखा कि लालाराम की खून से लथपथ लाश बिस्तर पर पड़ी है। उनके सिर पर गोली मारी गई थी। सूचना पर एसपी यमुनापार दीपेंद्र चौधरी पहुंच गए। एसपी ने बताया कि लालाराम के बेटे महेंद्र पटेल की ओर से पट्टीदार अजीत पटेल को नामजद करते हुए तहरीर दी गई। दो अज्ञात के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अजीत पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों परिवारों में अर्से से रंजिश चल रही थी। ताजा विवाद एक जमीन का है। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। लालाराम के पांच बेटे हैं।
लालाराम पटेल और अजीत पटेल पट्टीदार थे। अजीत पिछले कुछ सालों से हिस्ट्रीशीटर राजा पांडेय के विरोधी विजय पांडेय गैंग में शामिल हो गया था। इसके बाद उसने लालाराम के परिवार को परेशान करना शुरू कर दिया। ताजा विवाद एक जमीन का है। गांव में ही अनारकली और उसकी दो बहनों की जमीन लालाराम के परिवार ने 2002 में खरीदी थी। दो बहनों ने तो रजिस्ट्री कर दी थी लेकिन, तीसरी बहन की तहसील जाते समय मौत हो गई थी। इसी कारण वह रजिस्ट्री नहीं कर पाई थी। उसके बच्चे भी नाबालिग थे। तब से मामला अटका हुआ था। जब बच्चे बड़े हो गए तो लालाराम ने फिर से रजिस्ट्री की बात चलाई। आरोप है कि इसकी भनक लगने पर अजीत फरमान जारी कर कहा था कि बिना उसे पैसे दिए हुए जमीन खरीदी तो वह जमीन पर कब्जा कर लेगा। तीन दिन पहले भी इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था।