रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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अल्लापुर में नाबालिग किशोरी को अगवा कर रेप और कत्ल के मामले का आठ दिन बाद भी जार्जटाउन पुलिस खुलासा नहीं कर पाई। पुलिस अब तक तीन दर्जन से अधिक संदिग्धों से पूछताछ के बाद किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। पुलिस की दो टीमे जांच में लगी हैं। लेकिन अभी तक कुछ हासिल नहीं हुआ है।
आठ दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से लोगों में खासा आक्र ोश है। शहर उत्तरी से कांग्रेस विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने शनिवार को मंडलायुक्त राजन शुक्ला से मिलकर ज्ञापन सौंपा और मांग किया कि आठवी की छात्रा की रेप के बाद गला घोंटकर हत्या हुए आठ दिन बीत गए लेकिन घटना का खुलासा नहीं हो सका है। निर्भयाकांड में प्रदेश सरकार ने निर्भया फंड से पीड़ित परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा दिया था। यह घटना 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया कांड से भी अधिक दर्दनाक है।
प्रदेश सरकार उसी घटना के सामान 30 लाख रुपये मुआवजा गरीब परिवार को देना चाहिए। विधायक के मुताबिक मंडलायुक्त ने आश्वासन दिया है कि वे गृह मंत्रालय को निर्भया फंड से तथा प्रदेश सरकार को मुआवजा देने के लिए संस्तुति करेंगे। साथ ही विधायक ने विकास भारती और इंदिरा सिंह हत्याकांड के खुलासे की मांग किया। इस मौके पर विधायक के साथ उपेंद्र सिंह, शिवसेवक सिंह, कमलेश सिंह, राघवेंद्र सिंह, नागेंद्र शुक्ला, अनुराधा, गुड़िया, शादाब अहमद, कमलेश मौर्य, राजू पाल, मुकुल दीक्षित, इरशाद अंसारी, राजाराम पांडे समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।
भाजपा नेता और पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष रवि सोनकर के नेतृत्व मेडिकल चौराहे पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। रवि सोनकर ने कहा कि अल्लापुर रेपकांड के बाद भी हत्या की दो जघंन्य घटनाएं हो गई। लेकिन पुलिस किसी का खुलासा नहीं कर सकी। यह पुलिस की नाकामी है। छात्रनेता श्रीश चंद्र दुबे और रितेश कुमार के नेतृत्व में कैंडिल मार्च निकाला गया। कैंडिल मार्च निकालकर आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग की। इस मौके पर पर शुभम पांडेय, रितेश कुमार, रुपेश यादव, संजय गौतम, देवी प्रसाद, अभिषेक मिश्र समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।