पांच दिन बाद होने वाली शादी के लिए दुल्हन के घर में जोर-शोर से तैयारियां चल रहीं थीं। 15 अप्रैल को तिलक और 18 अप्रैल को ब्याह होना था। मगर लालची दूल्हे और उसके परिजनों ने सारे अरमानों को मटियामेट कर दिया। युवती का पिता सगाई के वक्त ही खेत बेचकर आठ लाख रुपये वर पक्ष को दे चुका था लेकिन अब दो लाख रुपये की मांग और रख दी गई। युवती के पिता ने लाचारी जाहिर की तो दूल्हे ने शादी से ही मना कर दिया। जब काफी मनाने पर भी लड़के के घरवाले नहीं माने तो निराश होकर युवती के पिता ने औद्योगिक क्षेत्र थाने जाकर शिकायत की।
औद्योगिक क्षेत्र के बरामार गांव में रहने वाले एक किसान ने अपनी बेटी की शादी सराय इनायत क्षेत्र के बद्दरुदीनपुर में तय की थी। रसूखदार खानदान से ताल्लुक रखने वाले लड़के से रिश्ता तय कर किसान का परिवार खुश था। किसान ने बेटी की शादी के लिये दो बिस्वा जमीन बेचकर बीस जनवरी को धूमधाम से सगाई की। सगाई में दूल्हे को आठ लाख पच्चीस हजार रुपए दये। 15 अप्रैल को तिलक और 18 अप्रैल विवाह कार्यक्रम निश्चित हुआ। रिश्तेदारियों में शादी का आमंत्रण दे दिया गया। निमंत्रण पत्र बंट गए। शादी का दिन नजदीक आया तो युवक के परिजनों ने तिलक से पहले ही दो लाख रुपए की मांग रख दी। दो लाख रुपये की नई मांग पर किसान परेशान हो गया। उसे पता चला कि पैसे नहीं दिए तो शादी टूट जाएगी। उसने लड़के के घरवालों से बात की लेकिन वे नहीं माने। आखिरकार दुखी और मायूस होकर रविवार को किसान ने थाने जाकर शिकायत की। पुलिस ने शादी से ऐन पहले दहेज की मांग करते हुए रिश्ता तोड़ने को गंभीरता से लिया है। पुलिस ने सोमवार दोपहर दोनों पक्षों को थाने बुलाया है।