हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. एके बंसल हत्याकांड में सुराग की तलाश में भटक रही एसटीएफ और क्राइम ब्रांच ने सोमवार को महिला रिशेप्सनिस्ट समेत छह कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। उन्हें एसटीएफ मुख्यालय ले जाकर पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल फोन भी चेक किए गए। साथ ही कॉल डिटेल हासिल की जा रही है। एसटीएफ के अफसर मान रहे हैं कि इन कर्मचारियों को कुछ जानकारी जरूर है लेकिन वे बता नहीं रहे हैं।
बृहस्पतिवार देर शाम करीब सात बजे जीवन ज्योति हॉस्पिटल के ओपीडी चैंबर में डॉ. बंसल को गोलियां मारकर शूटर के भागने के वक्त कम्पाउंडर समेत स्टाफ के तीन लोग शैलेंद्र पाठक, स्वदेश और प्रशांत वहां मौजूद थे। मगर इन तीनों ने ही एसटीएफ और क्राइम ब्रांच को एक भी अहम जानकारी नहीं दी। शैलेंद्र के सामने ही शूटर ने डॉ. बंसल पर गोलियां दागीं थीं लेकिन उसने पुलिस को बताया कि वह घबराकर फर्श पर बैठ गया था इसलिए कुछ और नहीं देख सका। वह शूटर का हुलिया या कपड़ों के बारे में भी नहीं बता रहा, जो एसटीएफ अफसरों के गले नहीं उतर रहा। वह कहता है कि उसका मोबाइल फोन भी चोरी हो गया।
ऐसे में उसकी हरकतों पर शक गहराता गया। बाकी दोनों कर्मचारी भी संदेह के घेरे में आए। सोमवार दोपहर क्राइम ब्रांच और एसटीएफ ने शैलेंद्र, संदेश, प्रशांत के साथ ही रिेशेप्सनिस्ट नूरी को पूछताछ की खातिर हिरासत में ले लिया। उन्हें पुलिस लाइन के पास एसटीएफ मुख्यालय ले जाया गया। उनके अलावा सिक्योरिटी गार्ड महेश द्विवेदी और सुपरवाइजर नीरज मिश्रा को भी पूछताछ के बाद कीडगंज थाने ले जाया गया।
डॉ. बंसल के चैंबर में आने पर उन दोनों को दरवाजे के पास रहना होता है लेकिन घटना के वक्त वे लापता था। महेश ने कहा कि वह 108 नंबर के मरीज अरशद की मृत्यु होने पर शव को घर भिजवाने की व्यवस्था में लगा था। उसने ही एंबुलेंस बुलाई थी, जो पिछले गेट से शूटरों के भागते वक्त सीसीटीवी फुटेज में खड़ी दिखी है। सुपरवाइजर नीरज ने सफाई दी है कि वह वारदात के वक्त 112 नंबर के मरीज कौशलेश का बिल कम कराने के लिए गया था। उसने यह भी कहा कि उसकी ड्यूटी डॉ. बंसल के साथ नहीं थी। उन दोनों के भी बयान से क्राइम ब्रांच और एसटीएफ के अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए, इसलिए उन्हें भी हिरासत में लिया गया है। कुछ और कर्मचारी जांच एजेंसियों के राडार पर हैं, जिन्हें उठाया जा सकता है।
‘जीवन ज्योति हॉस्पिटल के इन कर्मचारियों पर शुरू से ही पुलिस और एसटीएफ को संदेह रहा है क्योंकि वे सही बयान नहीं दे रहे हैं। रिशेप्सनिस्ट भी सही जवाब नहीं दे रही थी। इस वजह से अलग-अलग बैठाकर सवाल-जवाब के लिए छह कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है।’
-विपिन टाडा, एसपी सिटी