रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
डॉ. एके बंसल हत्याकांड एक माह बाद भी एसटीएफ और क्राइम ब्रांच के लिए चुनौती बना हुआ है। अब तक कोई क्लू तक नहीं मिल पाया है। रविवार को एसटीएफ और क्राइम ब्रांच ने डॉ. बंसल के सीए समेत तीन से पूछताछ की। कई घंटे की पूछताछ के बाद एसटीएफ ने उन्हें छोड़ा।
डॉ. बंसल के सीए सुनील सिंह निवासी सिविल लाइंस से एसटीएफ ने रविवार को दफ्तर में पूछताछ की। सुनील से एसटीएफ ने डॉ. बंसल के कारोबार और उससे जुड़े विवादों के बारे में गहराई से पूछताछ की। डॉ. बंसल ने किस-किस कारोबार में कितना पैसा लगाया था। डॉक्टर ने बैंक से कितना लोन लिया और लोन चुकाने के लिए किन जमीनों का सौदा तय किया था। भीरपुर स्थित स्कूल बेचने, कौशांबी की जमीन का सौदा करने, महर्षि यूनिवर्सिटी, सिविल लाइंस स्थित अरबों की जमीन का विवाद के बारे में जानकारी ली। क्राइम ब्रांच ने भी उससे पूछताछ की।
एसटीएफ ने कहा कि उसे दुबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। कर्नलगंज इलाके में रहने वाले महर्षि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विजय सिंह से भी रविवार को पूछताछ हुई। उनसे पूछा गया कि झगड़े की शुरूआत कैसे हुई? वजह क्या थी? किसने कितनी रकम लगाई थी? महर्षि विश्वविद्यालय से जुड़े विवाद के बारे गहन पूछताछ की गई। विजय सिंह को विश्वविद्यालय से जुड़े हर विवाद की जानकारी थी। अमरेश सिंह से भी दोबारा रविवार को बुलाकर पूछताछ के बाद एसटीएफ उसके मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन चेक कर रही है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच रविवार को भी धीरशरण को लेकर जीवन ज्योति अस्पताल पहुंची। उससे पूछताछ के बाद विवाद से जुड़े दस्तावेजों को लिया। धीर शरण को राजापुर स्थित उस कोचिंग पर भी ले जाया गया जिसका पता उसने एफआईआर में दिया है। कोचिंग से भी कई कागजात दिल्ली क्राइम ब्रांच ने जुटाया। धीरशरण से दिल्ली क्राइम ब्रांच की मौजूदगी में एसटीएफ ने भी पूछताछ की। धीर शरण को शनिवार को ही वापस ले जाना था लेकिन पूछताछ में कुछ जानकारी मिलने पर रोक लिया गया था।