शहर के विख्यात लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. एके बंसल की बृहस्पतिवार देर शाम जीवन ज्योति हॉस्पिटल स्थित उनके चैंबर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। डॉ.बंसल मरीज देख रहे थे तभी एक बदमाश ने चैंबर में घुसकर करीब से उनके सिर पर पिस्टल से गोलियां मारीं। फिर वह बाहर निकल साथी बदमाश संग फरार हो गया। खबर मिलते ही आला अधिकारियों समेत शहर के तमाम डॉक्टर हॉस्पिटल पहुंच गए। एसटीएफ और क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी। डॉक्टर के भाई प्रवीण बंसल की तहरीर पर कीडगंज थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस लिखा गया है। डीएम के आदेश पर डॉक्टरों की एक टीम बनाकर डॉक्टर बंसल के शव का पोस्टमार्टम किया गया।
घटना बृहस्पतिवार देर शाम करीब पौने सात बजे की है। बाई का बाग स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल के संचालक डॉ.एके बंसल कुछ ही देर पहले अपने चैंबर में आए थे। वह मरीजों को देख रहे थे तभी एक बदमाश दरवाजा खोलकर चैंबर में घुसा और बेहद करीब से डॉक्टर के सिर पर पिस्टल से फायर कर दिए। फायरिंग के बाद वह फौरन बाहर निकलकर भाग गया। सिर में गोलियां धंसने पर खून से लथपथ डॉ.बंसल कुर्सी पर लुढ़क गए।
फायरिंग से हॉस्पिटल में अफरातफरी मच गई। कुछ देर बाद कर्मचारी और डॉक्टर जुटे तो डॉ.बंसल को उठाकर ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। खबर पाकर एसएसपी शलभ माथुर और एसपी सिटी विपिन टाडा समेत कई सीओ पुलिस बल के साथ पहुंच गए। कुछ देर बाद डॉ.बंसल को लाऊदर रोड स्थित कृति स्कैनिंग सेंटर ले जाकर एक्सरे तथा सीटी स्कैन कराया गया। पहले चर्चा थी कि उन्हें पीजीआई लखनऊ ले जाएगा लेकिन फिर उन्हें जीवन ज्योति वापस लाया गया जहां शहर के कई नामचीन सर्जन उनके सिर से गोलियां निकालकर ब्लीडिंग रोकने की कोशिश में जुट गए। इस बीच शहर भर से डॉक्टर के करीबी लोग, रिश्तेदार तथा व्यापारी भी आ गए।
डॉ. बंसल पर जानलेवा हमले की जानकारी पाकर आईजी जोन, डीआईजी रेंज, एसपी क्राइम भी पहुंच गए। एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट और क्राइम ब्रांच ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर छानबीन शुरू कर दी। खोजी कुत्ता भी लाया गया। वह हॉस्पिटल के पिछले रास्ते पर गया जिधर शूटर भागे थे। चैंबर में फर्श से प्वाइंट 32 बोर के चार खोखे पुलिस ने कब्जे में लिए। गेट और चैंबर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। इसी बीच रात करीब साढे़ दस बजे सर्जरी में जुटे डॉक्टरों ने डॉ.बंसल को मृत घोषित किया तो कोहराम मच गया। डॉ.बंसल के परिजनों और रिश्तेदारों के साथ डॉक्टर और हॉस्पिटल के कर्मचारी रोने-बिलखने लगे।
देर रात पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि फिलहाल इस सनसनीखेज वारदात की वजह और कातिलों का पता नहीं चल सका है। डॉ.बंसल से जुड़े विवादों और उनसे दुश्मनी रखने वाले लोगों की छानबीन की जा रही है। वारदात के तरीके से तय है कि गोलियां किसी शार्प शूटर ने मारी हैं। फिलहाल अनुमान है कि किसी गिरोह को सुपारी देकर ड़ॉ.बंसल का कत्ल कराया गया है। एसपी सिटी विपिन टाडा ने बताया कि भाई प्रवीण ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
डॉ.एके बंसल और उनकी पत्नी डॉ.वंदना बंसल कई हॉस्पिटल का संचालन करते थे। करोड़ो रुपये की मिल्कियत है जिससे उन पर अपराधियों की नजर रही है। एक एंगल यह है कि मोटी रंगदारी देने से इनकार पर किसी अपराधी गिरोह ने यह वारदात की।
-डॉ.बंसल का सीतापुर में महर्षि विश्वविद्यालय को लेकर कुछ लोगों से कई करोड़ रुपये का विवाद बना था। उन्होंने छह लोगों पर केस भी दर्ज कराया था। कत्ल के पीछे इस विवाद पर
-उन्हें कई बार मरीजों के तीमारदारों से भी धमकी मिली थी। यह पहलू है तो कमजोर मगर इस पर भी छानबीन की जा रही है।