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डॉ. बंसल के दोनों मोबाइल से कॉल रिकार्डर भी गायब

Thu, 19 Jan 2017 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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प्रतीकात्मक फोटो
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जीवन ज्योति हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. एके बंसल के कत्ल की जांच में एसटीएफ के अधिकारियों को मिले एक और तथ्य ने चौंका दिया है। पता चला है कि डॉ. बंसल के दोनों मोबाइल फोन में कॉल रिकार्डर थे लेकिन घटना के बाद चेक करने पर वे फोन में मिले नहीं। इससे पहले एक फोन से व्हाट्स एप का डाटा डिलीट होने की जानकारी सामने आ चुकी है। ऐसे में एसटीएफ के सामने सवाल है कि फोन के रिकार्ड गायब करने में किसी करीबी शख्स की गहरी साजिश तो नहीं?
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पिछले बृहस्पतिवार की शाम जीवन ज्योति हॉस्पिटल के चैंबर में डॉ. बंसल की हत्या के बाद जांच में जुटी एसटीएफ और क्राइम ब्रांच ने साजिश की तह में जाने के लिए कई पहलुओं पर छानबीन शुरू की तो डॉ. बंसल के दोनों मोबाइल फोन की तरफ ध्यान गया। एसटीएफ के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि डॉ. बंसल के दोनों मोबाइल फोन को चेक करने पर एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। डॉ. बंसल के साथ रहने वाले एक करीबी सहयोगी ने जानकारी कि उनके दोनों मोबाइल फोन में कॉल रिकार्डर ऐप इंस्टाल थे। करीब 15 दिन पहले तक तो दोनों मोबाइल में ये ऐप थे।

अब घटना के बाद मोबाइल में कॉल रिकार्डर ऐप नदारद होने के पीछे किसी साजिश की आशंका के तहत छानबीन हो रही है। डॉ. बंसल तो इतना ध्यान देते नहीं थे। कॉल रिकार्डर ऐप भी उनके एक करीबी ने ही इंस्टाल किया था। फिर दोनों मोबाइल से यह ऐप हटाया किसने और क्यों, इस बारे में कोई भी नहीं बता पा रहा है। डॉ. बंसल के मोबाइल फोन से छेड़छाड़ कोई बेहद करीबी ही कर सकता है लेकिन वह कौन है, यह रहस्य बना है। इससे पहले व्हाट्स एप डाटा डिलीट होने का पता चला था। आखिर कौन है वो नजदीकी शख्स जो नहीं चाहता कि डॉ. बंसल के निजी राज जांच टीम के सामने उजागर हो सकें? इसके पीछे वजह क्या है? कत्ल के साजिश से इन राज का क्या ताल्लुक है? इस पर एसटीएफ के अफसर मंथन कर रहे हैं। अब तक की जांच में कत्ल के पीछे कोई ऐसा क्लू नहीं मिला है जिससे अंदरूनी वजह पर रोशनी पड़ती लेकिन ऐसी जानकारियां चौंकाने वाली हैं।
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