बाई का बाग दुर्गा पूजा पार्क में मंगलवार की रात मारे गए दोनों की शिनाख्त गुरुवार को भी नहीं हो पाई। पुलिस ने बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार जाने वाली ट्रेनों में पोस्टर चस्पा किए हैं। कातिलों की सीसीटीवी फुटेज भले ही मिल गई हो लेकिन उनका भी सुराग नहीं मिल रहा है। नगर निगम के एक कर्मचारी समेत एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
बाई का बाग दुर्गा पूजा पार्क में मंगलवार की रात दो लोगों की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। दोनों कौन थे, कहां से आए थे, क्यों मारा गया? इन सारे सवालों का उत्तर नहीं मिल पाया है। देखने और पहनावे से दोनों मजदूर लग रहे थे। उनके पास से कोई कागजात नहीं मिले जिससे उनकी शिनाख्त हो पाती। गुरुवार को पुलिस ने दोनों का एक पोस्टर छपवाया और शहर के सभी रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर चस्पा कर दिया। तमाम ट्रेनों में भी पोस्टर चस्पा किए गए हैं। इंस्पेक्टर राज कुमार शर्मा ने बताया कि शहर भर में लेबर चौराहों पर सैकड़ों मजदूरों को फोटो दिखाई गई लेकिन कोई भी उन्हें पहचान नहीं रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि दोनों बाहर के थे। सीसीटीवी फुटेज में जो लोग दिख रहे हैं, उस हुलिये के कई लड़कों को पूछताछ के लिए उठाया गया है। नगर निगम के एक कर्मचारी समेत 12 लोगों से पूछताछ की जा रही है। पार्क कैंपस में ही ट्यूबवेल और नगर निगम का एक दफ्तर है। वहां के कर्मचारियों से पूछताछ हुई है।
इलाहाबाद। पुलिस को जो सीसीटीवी फुटेज मिली थी, उसमें पांच संदिग्ध लड़कों के अलावा एक महिला भी दिख रही है। उस महिला ने गेट के बाहर दो बार चक्कर लगाया था। इसके बाद वह नहीं दिखी। फुटेज के आधार पर पुलिस गुरुवार को उस महिला के पास पहुंच गई। वह पार्क के पास ही रहती है। दरअसल उसके बेटे का मानसिक उपचार चल रहा है। वह रात में घर से कहीं निकल गया था। उसी को ढूंढने के लिए महिला पार्क तक आई थी। पूछताछ के बाद महिला को छोड़ दिया गया।
दुर्गा पूजा पार्क में दो मजदूरों की मौत और उनकी शिनाख्त न होने पर साइको किलर्स पर शक और भी गहरा गया है। पहले दारागंज फिर कैंट अब कीडगंज इलाकों में जिस तरह से हत्याएं की गईं और उनके पास से शिनाख्त का कोई भी कागजात नहीं मिला। ऐसी घटनाओं का एक दूसरे से लिंकअप हो सकता है। तीनों ही मामलों में कातिलों ने गले पर वार किया है। दो मामलों में गला दबाया गया एक में गला काटा गया। कातिलों ने शिनाख्त के कागज हटा दिए थे।
30 मार्च : दारागंज में बख्शी बांध पर दो मजदूरों की की गला दबाने के बाद हत्या कर दी गई। दोनों को हत्या के बाद जला भी दिया गया था। हालांकि उनके चेहरे पर जलने का असर नहीं हुआ था। इसके बाद भी आज तक शिनाख्त नहीं हो पाई।
19 जून : कैंट थाना क्षेत्र के म्योराबाद इलाके में दिन दहाड़े एक युवक की गला दबाकर हत्या कर दी गई। उसका शव सड़क के किनारे पड़ा था। उस युवक ने नए कपड़े पहन रखे थे लेकिन पहचान का कोई भी कागजात उसके पास नहीं था। पुलिस ने जांच की। कई जिलों में फोटोग्राफ्स भेजी गई लेकिन शिनाख्त नहीं हो पाई। इस मामले में गुरुवार को हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि घर वालों का इंतजार किया जा रहा था, इस कारण अभी तक एफआईआर नहीं हुई थी।
3 जुलाई : कीडगंज में बाई का बाग दुर्गा पूजा पार्क में दो मजदूरों का गला रेत दिया गया। उनके पास से ही शिनाख्त के कोई कागजात नहीं मिले न ही कातिलों के बारे में कोई जानकारी हो पाई।