डॉक्टराें ने मंगलवार देर रात अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कर दी। मंडलायुक्त, डीआइजी, डीएम व एसएसपी से वार्ता के बाद डॉक्टरों ने देर रात हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी। एसएसपी वीपी श्रीवास्तव ने अंतिम दौर की वार्ता के लिए डॉक्टरों को बुलाया था। आंदोलित डॉक्टरों व एसएसपी के बीच लंबी वार्ता के बाद डॉक्टरों की मांगें मान ली गईं।
एसएसपी ने डॉक्टरों को हमले के आरोपियों के खिलाफ ‘उत्तर प्रदेश चिकित्सा परिचर्या सेवाकर्मी और चिकित्सा परिचर्या सेवा संस्था हिंसा एवं सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम-2013 ’ के तहत कार्रवाई करने के अलावा डॉ. रोहित गुप्ता के परिजनोें को पर्याप्त सुरक्षा, डॉक्टरों व नर्सिंगहोम की सुरक्षा के लिए मेडिकल हेल्प लाइन शुरू करने व आंदोलन के दौरान चक्काजाम करने वाले डॉक्टरों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया। दूसरी ओर प्रकरण सुलझा लेने के बाद पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा मरीजों-तीमारदारों ने भी राहत की सांस ली है। ज्ञात हो कि डॉक्टरों की हड़ताल से एसआरएन के अलावा शहर के 450 से अधिक नर्सिंगहोम में भर्ती मरीजों-तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल समाप्त होने के बाद एएमए के पदाधिकारियों व डॉक्टरों ने हड़ताल के दौरान शहरियों, मरीजों-तीमारदारों को हुई परेशानी को लेकर माफी मांगी है। एएमए की अध्यक्ष डॉ. अभिलाषा चतुर्वेदी, सचिव डॉ. मनोज माथुर, डॉ. आलोक मिश्रा, डॉ. नीता वर्मा समेत कई डॉक्टरों ने माफी मांगी है। डॉक्टरों का कहना है कि हड़ताल के चलते मरीजों-तीमारदारों को जो परेशानियां हुई उसका अफसोस है।