लूकरगंज इलाके की एक घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। वहां एक युवती की मौत के बाद सदमे में उसकी मां चल बसी तो दुखी बहन छत से कूद गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। मां-बेटी की मौत की खबर पाकर मंगलवार शाम खुल्दाबाद थाने की पुलिस पहुंची तो पता चला कि दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। चर्चा है कि युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी, लेकिन परिवार के लोगों ने कुछ भी बताने से मना कर दिया।
लूकरगंज में अग्रसेन इंटर कॉलेज के पीछे गली में रहने वाले कुंजनलाल का बरसों पहले निधन हो चुका है। उनकी पत्नी श्यामकली (75) तीन बेटों और तीन बेटियों के साथ गुजारा करती रहीं। एक पुत्र सिपाही का रेलवे में चयन हो चुका है। दूसरा अजय उर्फ लुल्लुर है। तीसरे भाई की मानसिक हालत ठीक नहीं बताई गई। तीन बेेटियों में रेनू बड़ी है। सोमवार शाम दूसरे नंबर की बेटी रीता (22) की रहस्यमय हालात में मौत हो गई। मोहल्ले में चर्चा है कि उसने फांसी लगा ली थी। बेटी की मौत के सदमे में बुजुर्ग श्यामकली को दिल का दौरा पड़ा और उनकी भी सांस थम गई। मां-बेटी की मौत से परिवार में हाहाकार मच गया। तभी छोटी बेटी सुनीता ने भी दुख में आत्मघाती कदम उठा लिया। चर्चा है कि वह छत से कूद गई थी, जिससे उसे चोट पहुंची। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मां-बेटी की मौत तथा दूसरी बेटी के घायल होने की खबर ने इलाके के लोगों को सन्न कर दिया। पता चला तो मंगलवार को तमाम रिश्तेदार भी दिवंगत श्यामकली के घर पहुंच गए। मंगलवार शाम अमर उजाला टीम घर पहुंची तो कमरे में गमगीन महिलाएं बैठी थीं। श्यामकली की बड़ी बेटी रेनू ने बताया कि मां और बहन का शव अंतिम संस्कार की खातिर रसूलाबाद घाट ले जाया गया है। उसने यह बताने से साफ मना कर दिया कि रीता ने फांसी लगाई थी या नहीं। खबर पाकर खुल्दाबाद थाने की पुलिस भी पहुंची पर अंतिम संस्कार हो चुका था। चौकी प्रभारी लूकरगंज राकेश राय के अनुसार, मोहल्ले वालों ने घटना के बारे में बताया, मगर परिजन चुप रहे।