इलाहाबाद (जगतपुर)। उतरांव के खोदायपुर गांव में शुक्रवार सुबह 440 वोल्ट के टूटे तार ने भाई-बहन की जान ले ली। यही नहीं शौचालय के सामने जमीन पर गिरे इस तार की चपेट में आकर दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से झुलस गए। टूटकर जमीन पर गिर गया। घटना तब हुई जब यह लोग सुबह शौचालय में जाने के लिए घर के लोग बाहर निकले थे। इसी दौरान तार की चपेट में आकर बारी-बारी से चारों लोग झुलस गए। घटना से गांव में खलबली मच गई। किसी तरह ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर के फ्यूज को ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे तोड़ा। तब जाकर सप्लाई बंद हुई, लेकिन तब तक दो लोगों की मौत हो चुकी थी। दो अन्य का एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी होने पर स्थानीय विधायक मौके पर पहुंचे। परिजनों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी।
खोदायपुर गांव के मानिकचंद्र यादव (45) खेती-किसानी करते थे। कुछ दिन पहले मानिक चंद्र के छोटे भाई सुरेश की पत्नी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को तेरहवीं थी। जिसमें शामिल होने के लिए उनकी बहन वैजंती देवी (38) पत्नी रामजी यादव निवासी वेलहा बांध फूलपुर आई हुई थीं। मानिकचंद्र के घर के बाहर एक ट्रांसफार्मर लगा हुआ जिसका 440 वोल्ट का तार उसके घर के बारजे से होकर गुजरा है।
घर से ही कुछ कदम की दूरी पर शौचालय बना हुआ है। यहीं पर ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। शुक्रवार सुबह लगभग पांच बजे वैजंती सोकर उठीं और शौचालय जाने लगीं। रात में टूट कर गिरे बिजली के तार की तरफ उसने ध्यान नहीं दिया। उसकी चपेट में आकर वैजंती देवी झटका खाकर जमीन पर गिरीं। बहन को गिरते देखकर मानिकचंद्र दौड़े लेकिन वह भी तार की चपेट में आकर झुलस गए और जमीन पर गिर पड़े। मानिकचंद्र की चीख सुनकर उनकी बेटी सविता (13) दौड़ी तो वह भी करंट के झटके से गिर पड़ी। घर वालों की चीख पुकार सुनकर मानिकचंद्र का भाई नंदलाल दौड़ा। वह भी करंट की चपेट में आकर गिर पड़ा।
एक के बाद एक चार लोगों को करंट की चपेट में आकर गिरते देख गांव में खलबली मच गई। घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के लोग जुटे तो ट्रांसफर के फ्यूज को ईंट-पत्थर मारकर तोड़ा। तब जाकर बिजली गई। बिजली कटने के बाद घटना की जानकारी पुलिस और बिजली विभाग के अफसरों को दी गई। परिजन झुलसे लोगों को लेकर अस्पताल भागे। लेकिन डॉक्टरों ने मानिकचंद्र और वैजंती को मृत घोषित कर दिया, जबकि सविता और नंदलाल का एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना को लेकर ग्रामीणों में खासा आक्रोश था। नाराज ग्रामीण चक्काजाम करने जा रहे थे तभी झूंसी और प्रतापपुर विधायक पहुंच गए। ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया।