श्रीनगर के अवंतीपुर में सड़क हादसे में मृत सीआरपीएफ के जवान गुलाब चंद्र यादव के अंतिम संस्कार के समय बवाल हो गया। स्नान के समय परिजनों ने उनके शरीर पर चोटें देखीं तो भड़क गए। शव रखकर चक्काजाम कर दिया। मौके पर एसडीएम और तहसीलदार पहुंचे। उन्होंने घर वालों की बातों को ऊपर पहुंचाने का आश्वासन दिया। घरवालों ने गुलाब को शहीद का दर्जा देने की मांग की। इस बात को भी शासन तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मूल रूप से बेलवनिया गांव के रहने वाले गुलाब चंद्र यादव सीआरपीएफ में जवान थे। इन दिनों श्रीनगर में उनकी तैनाती थी। अवंतीपुर श्रीनगर के एस.एन. 44 प्वाइंट पर बुलेटप्रूफ गाड़ी से टीम के साथ पेट्रोलिंग पर निकले थे और गाड़ी बैक करते समय गुलाब चंद्र यादव गाड़ी की चपेट में आ गए। उनकी मौत हो गई। सोमवार को गुलाब का शव गांव पहुंचा। दिन में दो बजे निजी खेत में अंतिम संस्कार से पहले स्नान कराया जा रहा था। उसी समय परिजनों ने देखा कि उनके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें हैं। परिजनों ने गुलाब की हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। आरोप लगाया कि कश्मीरी पत्थरबाजों ने उन्हें मार डाला। विभागीय अधिकारी इस पर पर्दा डालकर हादसे का रूप दे दिया। उन्होंने गुलाब को शहीद का दर्जा दिए जाने, मुख्यमंत्री कोष से सहायता, परिजन को नौकरी व पेट्रोल पंप की मंजूरी सहित अन्य कई मांगों को लेकर कोरांव भारतगंज मार्ग पर गिरगोठा नहर के पास शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उसके बाद मौके पर पहुंची उपजिलाधिकारी शिवानी सिंह, तहसीलदार अनीता देवी, ने परिजनों की सभी मांगो पर हर संभव कार्रवाई का भरोसा दिलाया तब जाकर जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम संस्कार में पहुंचे क्षेत्रीय विधायक राजमणि ने कहा कि शहीद का दर्जा दिलाने के लिए भारत सरकार से मांग रखूंगा। उसके साथ ही गुलाब चंद्र के नाम गांव की मुख्य सड़क व शहीद द्वार बनवाने का आश्वासन दिया। गांव में कन्या विद्यालय बनवाने की मांग को विधायक सहर्ष मान लिया व तहसीलदार अनीता देवी ने जमीन देने की बात कही। जिसके बाद जवान का अंतिम संस्कार किया गया। विभागीय अधिकारियों व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने उन्हें नम आंखों से माल्यार्पण किया। विभागीय जवानों द्वारा उन्हें सलामी दी गई।
अंतिम संस्कार में पहुंचे अधिकारी और नेता
सीआरपीएफ के जवान गुलाब के अंतिम संस्कार में पड़िला के असिस्टेंट कमांडर विराट कुमार पहुंचे। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा एक्सिडेंट में ही मौत होने की जानकारी दी गई है। अंतिम संस्कार में भूतपूर्व विधायक राम कृपाल, ब्लाक प्रमुख कोरांव राम अवध कुशवाहा, नगर पंचायत अध्यक्ष कोरांव नरसिंह केशरी, भाजपा जिला मंत्री अनिल मिश्र, राजेश मिश्र, तुलसीदास राणा, प्रमोद मिश्र पयासी, भोला सिंह, संजय सिंह, रामकृष्ण केशरी, हरीकृष्ण सिंह, डीआईजी तमिलनाडु रेंज शैलेश यादव, सपा विधानसभा अध्यक्ष कोरांव लल्लन सिंह पटेल, सोमदत्त सिंह, शशी द्विवेदी, राजेश त्रिपाठी, राजू सिंह, ग्राम प्रधान भलुहा राजू सिंह, देवेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल व जवान मौजूद थे।
पति को खोने के गम में डूबी रही पत्नी, गांव वालों की आंखें नम
मृत जवान की पत्नी दीपमाला का रो-रो कर बुरा हाल था। रोते-रोते वह बेसुध हो जा रही थी। बार-बार महिलाएं उसे संभालती रही। बेटी पूजा ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया। पूजा ने कहा कि पापा ड्यूटी में जाते समय बोल रहे थे कि बेटी अच्छे से पढ़ना। इस बार 90 प्रतिशत अंक लाकर दिखाओ। अब 90 प्रतिशत अंक लाकर ही दिखाउंगी। बड़ी बेटी इस वर्ष 12वीं की छात्रा है। बेटी प्रिया रोते हुए कहने लगी कि पता नहीं मेरे पापा को मारकर उन लोगों को क्या मिला होगा। भगवान उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। बड़े भाई रामचंद्र यादव ने छोटे भाई की चिता को अगिभन दी।