बदमाशों ने सोमवार रात दुकान बंद करने के बाद घर लौट सराफा दुकानदार माता प्रसाद सोनी को गोली मारकर गहनों भरा बैग लूट लिया। पैर में गोली लगने पर सराफ बाइक से गिरा तो मोटरसाइकिल सवार बदमाश बैग लूटकर फरार हो गए। गांव वालों से खबर पाकर पुलिस पहुंची और घायल सराफ को अस्पताल पहुंचाया। उसकी भाभी ग्राम प्रधान हैं। बैग में तीन लाख रुपये से ज्यादा कीमत के आभूषण थे।
बहरिया में बाबूगंज गांव निवासी माता प्रसाद सोनी ने बहरिया बाजार में ब्लाक गेट के पास आभूषणों की दुकान खोल रखी है। उसकी भाभी लक्ष्मी देवी बाबूगंज की प्रधान हैं। करीब 15 दिन पहले माताप्रसाद की दुकान में चोरी हो गई थी। बदमाशों ने शटर तोड़कर तिजोरी पार कर दी थी जिसमें कई लाख रुपये का माल था। तब से माताप्रसाद रोज शाम दुकान बंद करने के बाद गहने बैग में रखकर घर ले जाने लगा था। सोमवार शाम भी वह दुकान बंद कर गहनों भरा बैग बाइक की हैंडिल पर लटकाकर घर को रवाना हो गया। शाम करीब साढ़े छह बजे वह मैलहा गांव स्थित ईंट भट्ठा के सामने पहुंचा तभी अपाचे बाइक सवार दो बदमाशों ने ओवरटेक करने के बाद उसे तमंटा दिखाकर रोक लिया।
बदमाश गहनों भरा बैग छिनने लगे तो माताप्रसाद ने विरोध किया। इस पर एक बदमाश ने माताप्रसाद पर फायर कर दिया। उसके पैर में गोली धंसी। वह चीखते हुए बाइक समेत गिर गया। बदमाश ने दूसरा फायर भी किया लेकिन मिस हो गया। फिर दोनों बदमाश जेवरों भरा बैग लेकर फरार हो गया। गोली चलने की आवाज सुनकर गांव वाले उधर पहुंचे तो माताप्रसाद को घायल देख पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष बहरिया वीरेंद्र यादव वहां आए और घायल माताप्रसाद को शहर में बेली अस्पताल भेजा।
माताप्रसाद की बेहोशी की वजह से बैग में भरे गहनों की कीमत का सही अंदाजा नहीं लग सका हालांकि भाई राकेश सोनी ने बताया कि बैग में तीन लाख रुपये से ज्यादा कीमत के गहने रहे होंगे। पुलिस मान रही है कि बदमाश इसी इलाके के हैं जिन्हें पता था कि माताप्रसाद रोज दुकान बंद करने के बाद गहने साथ लेकर लौटता है। पुलिस क्षेत्र के ऐसे संदिग्ध युवकों और अपराधियों की तलाश में जुटी है।
दुकान में चोरी के 15 रोज बाद ही गोली मारकर माताप्रसाद से लूट की घटना में बहरिया पुलिस की लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने दुकान में चोरी का खुलासा करना तो दूर की बात रिपोर्ट तक नहीं लिखी थी। पुलिस के इस रवैये से बदमाशों का हौसला और बढ़ गया जिसका नतीजा रहा कि सोमवार को माता प्रसाद को गोली मारकर गहनों से भरा बैग लूट लिया गया । सरेशाम हुई इस घटना से सिकंदरा और बहरिया के कारोबारियों में दहशत और नाराजगी है। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस रात में गश्त के बजाय थाने और चौकी में आराम से सोती है।