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तो क्या थाने के मालखाना से उड़ा दी रकम

Wed, 13 Jan 2016 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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गबन के मामले में बरामद एक करोड़ 62 लाख रुपये क्या नैनी थाने के मालखाने से गायब कर दिए गए? कंपनी के अधिकारियों और उनके वकील के साथ ही पुलिस अफसरों को भी ऐसी आशंका सता रही है क्योंकि कोर्ट के आदेश के बावजूद तीन महीने से भी ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी नैनी थाने की पुलिस ने मालखाना खोलकर यह रकम कंपनी को वापस नहीं की। बरामदगी के वक्त नैनी थाने का मालखाना इंचार्ज रहा सिपाही कई महीने से गायब है।
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ऐसे में शक और भी बढ़ गया। कोर्ट के आदेश पर डीएम-एसएसपी ने मालखाना खोलकर बरामद रकम गिनने के लिए टीम गठित कर दी है। अब मकर संक्रांति पर्व संपन्न होने के बाद किसी रोज इस टीम के समक्ष मालखाना खोलकर हकीकत देखी जाएगी।

मल्टी स्टेट क्रेडिट कोआपरेटिव सोसायटी के वाराणसी कार्यालय के कई कर्मचारी छह सितंबर को 2014 को एक करोड़ 86 लाख रुपये लेकर फरार हो गए थे। तब पुलिस और क्राइम ब्रांच ने गाड़ी समेत कर्मचारियों को पकड़कर पूरी रकम बरामद कर ली थी। एक कर्मचारी अनूप के पास बरामद 24 लाख 55 हजार रुपये ट्रेजरी में जमा हुए जबकि बाकी कर्मचारियों से बरामद एक करोड़ 62 लाख रुपये नैनी थाने के मालखाना में जमा किया गया था। कंपनी के चेयरमैन राजकुमार राय की अर्जी पर अदालत ने 25 सितंबर को ही नैनी थाने के मालखाना में जमा रकम रिलीज करने का आदेश जारी किया। मगर चेयरमैन और उनके अधिवक्ता देवेंद्र कुमार मिश्र नगरहा के कई बार थाने जाने पर भी इंस्पेक्टर रमेश पांडेय ने रकम नहीं अवमुक्त की।
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अधिवक्ता देवेंद्र मिश्र नगरहा के मुताबिक, इंस्पेक्टर ने पहले जिला पंचायत और प्रधानी चुनाव का बहाना कर टाला। फिर इंस्पेक्टर कहने लगे कि बरामदगी के वक्त नैनी थाने का मालखाना प्रभारी रहे सिपाही राजेंद्र का तबादला भदोही हो गया है। मगर वह छह महीने बाद भी नई तैनाती पर नहीं पहुंचा। यानी वह गायब है। उसका मोबाइल फोन भी बंद है। ऐसे में शक है कि रकम गायब तो नहीं कर दी गई? इस बाबत कोर्ट में अर्जी दिए जाने पर डीएम और एसएसपी को कार्रवाई का आदेश जारी हुआ। एसएसपी ने डीएम को मजिस्ट्रेट नियुक्त करने का आग्रह किया। अब जाकर मालखाना में जमा रकम का रहस्य खोलने के लिए टीम गठित कर दी गई है।

 करछना के तहसीलदार की मौजूदगी में सीओ करछना ब्रजनंदन राय, थाना प्रभारी नैनी रमेश पांडेय, एसएसआई सैयद मोहम्मद अब्बास, हेडमोहर्रिर और मालखाना मोहर्रिर मालखाना खोलकर वहां जमा कंपनी की रकम की मशीन के जरिए गिनती करेंगे। सभी नोटों की फोटोस्टेट कॉपी भी की जाएगी। मकरसंक्रांति के बाद यह काम किया जाना है।
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