गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से शहर में बिछाई जा रही सीवर लाइन लोगों के लिए कहीं जानलेवा न साबित हो जाए। शिवकुटी में सीवर लाइन बिछाने के दौरान सीता नर्सरी मार्ग पर तीन दिन पहले पेयजल लाइन टूट गई। इससे करीब सौ घरों में पानी का संकट खड़ा हो गया। ट्रांसफॉर्मर के पास टूटी पेयजल लाइन के कारण मंगलवार रात तीन मकानों में करंट उतर आया। गनीमत रही कि इससे कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन लोग घर के बाहर निकल आए।
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने सीवर लाइन बिछाने का काम जिस कंपनी को दिया है, उसने पेटी कॉन्ट्रेक्टरों को काम सौंप दिया। अनुभवहीन ठेकेदार सड़कों पर बेतरतीब खोदाई करा रहे हैं। इसकी वजह से अक्सर पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो जा रही है। शिवकुटी में सड़क खोदने के दौरान शनिवार को सीता नर्सरी मार्ग पर 125 केवीए के ट्रांसफॉर्मर के पास पानी की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसकी वजह से आसपास के करीब सौ घरों में पानी का संकट खड़ा हो गया। समाजसेवी कमलेश तिवारी ने इस संबंध में इकाई के परियोजना प्रबंधक लुकमान खान से शिकायत की। उन्होंने पाइप लाइन मरम्मत का आश्वासन दिया लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी काम नहीं हुआ।
मंगलवार को वहां स्थिति काफी गंभीर हो गई। क्षतिग्रस्त पाइप से लगातार पानी बहने के कारण सड़क पर करीब डेढ़ मीटर गहरा गड्ढा हो गया। ट्रांसफॉर्मर के पास पानी भरने से उससे लगे राजू तिवारी, मनीष शुक्ला एवं राजीव शुक्ला के मकानों में मंगलवार रात करीब आठ बजे करंट उतर आया। घरों में लोगों को अचानक झटके लगे तो वहां हड़कंप मच गया। तुरंत लोग भागकर घरों के बाहर आए। बिजली मिस्त्री को बुलाया गया तो पता चला कि जलभराव के कारण मकानों में करंट उतरा। श्री तिवारी ने इसकी सूचना तत्काल परियोजना प्रबंधक को दी लेकिन देर रात तक समाधान के लिए कोई नहीं पहुंचा।