दुबकी कला गांव से 25 वर्षीय मनीष सिंह को रविवार शाम घर से बुलाकर ले जाने के बाद मार डाला गया। उसकी लाश रात में ही गश्ती पुलिस दल को जीटी रोड किनारे पड़ी मिली। सुबह खबर पाकर परिजन भी गांव वालों के साथ पहुंच गए। ग्रामीणों ने चुनावी रंजिश के चलते कत्ल का आरोप लगाकर थाने में हंगामा कर दिया। पुलिस ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा देकर किसी तरह लोगों को शांत कराया। मृतक के चाचा की ओर से पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखी है। इनमें दो लोग उसी गांव के रहने वाले हैं। कोई पकड़ा नहीं गया।
दुबकी कला गांव निवासी सुरेंद्र प्रताप सिंह का तीन साल पहले बीमारी से निधन हो गया था।
उनके तीन बेटों में मनीष सिंह (25) सबसे बड़ा था। वह रविवार शाम से लापता था। आधी रात हंडिया की पुलिस टीम गश्त पर निकली तो घर से करीब आठ किलोमीटर दूर उपरदहा के निकट जीटी रोड किनारे युवक की लाश दिखी। पुलिसवालों ने शव को हंडिया थाने पहुंचा दिया। उधर रात भर मनीष घर नहीं पहुंचा तो परेशान होकर परिवार के लोग तलाश में जुट गए थे। सुबह उन्हें जीटी रोड किनारे युवक का शव मिलने की सूचना मिली तो वे थाने पहुंच गए। शव देखते ही मनीष के भाई समेत परिजन रोने-कलपने लगे। मृतक मनीष ही था। उसके गले पर रस्सी से कसने के निशान दिखे। खबर फैली तो थाने पर गांव वालों की भीड़ लग गई।
वे चुनावी रंजिश के चलते हत्या का आरोप लगाकर शोर मचाने लगे। मनीष के चाचा नागेंद्र प्रताप सिंह ने पुलिस से कहा कि उसे रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे गांव के इंद्रजीत और चंद्रशेखर तथा पड़ोसी गांव मुंगराव के शशांक सिंह जबरन अपने साथ ले गए। उन्हीं लोगों ने मनीष को मारकर फेंक दिया। कत्ल के पीछे कारण बताया गया कि जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में मनीष एक प्रत्याशी का साथ दे रहा था। आरोपियों ने उसे साथ छोड़ने की धमकी दी थी। 29 अक्तूबर को मतदान होना है। कत्ल और थाने पर हंगामा की जानकारी पाकर विधायक प्रशांत सिंह भी वहां आ गए। उन्होंने इंस्पेक्टर हंडिया आरके सिंह से कहा कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए लेकिन निर्दोष नहीं फंसने चाहिए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। उधर, मनीष के परिवार में मातम छाया है। पति के बाद बड़े बेटे के देहांत ने कुसुम देवी को गहरा गम दिया है।